- पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है जिसमें पार्टी ने 294 सीटों में से 207 पर जीत हासिल की है
- सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा और 9 मई को वे राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं
- सुवेंदु अधिकारी ने लगातार दो बार ममता बनर्जी को विधानसभा चुनावों में हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. बीजेपी ने बंगाल की 294 में से 207 सीटों पर जीत हासिल की है. इस बार बीजेपी की आंधी में टीएमसी के बड़े-बड़े नेता हार गए. खुद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से हार गईं. बीजेपी की इस पहली सरकार में सुवेंदु ही 'सत्ता के अधिकारी' होंगे. माना जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना अब लगभग तय हो गया है. उनके नाम पर बस औपचारिक मुहर लगनी बाकी है.
जानकारी के मुताबिक, 8 मई को बंगाल के नए बीजेपी विधायकों की बैठक होगी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे. इसी बैठक में सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना जाएगा. बताया जा रहा है कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समीत भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और फिर अमित शाह उनके विधायक दल का नेता चुने जाने का ऐलान करेंगे.
वैसे तो जिस दिन बंगाल चुनाव के नतीजे आए और बीजेपी की जीत तय हो गई, तभी से सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे आ गए थे. लेकिन बीजेपी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए लग रहा था कि पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है. हालांकि, सुवेंदु अधिकारी के सामने कोई नहीं टिका और अब वही बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. लेकिन ऐसा क्या हुआ कि सुवेंदु अधिकारी बाकी सभी दावेदारों पर भारी पड़ गए? 10 बड़े कारणः-
1. ममता को दो बार हराने का रिकॉर्ड: सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दो बार हराया है. 2021 के बाद 2026 में भी सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया.
2. नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में हराया: 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हराया था. इसके बाद ममता भवानीपुर से विधायक बनीं. इस बार सुवेंदु ने उन्हें भवानीपुर से भी 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया.
3. बीजेपी का सबसे आक्रामक चेहरा: सुवेंदु अधिकारी पहले टीएमसी में ही थे. बाद में वह बीजेपी में आ गए. अब बीजेपी का सबसे आक्रामक चेहरा सुवेंदु अधिकारी ही हैं. विपक्ष में रहते हुए सुवेंदु अधिकारी ममता सरकार के खिलाफ मुखर रहते थे.

4. कैडर से सीधा कनेक्शन: सुवेंदु अधिकारी बीते कुछ सालों में बंगाल में बीजेपी के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं. जमीनी स्तर पर उनका कैडर से सीधा कनेक्शन उन्हें मजबूत नेता बनाता है.
5. केंद्रीय नेतृत्व के बहुत करीब: सुवेंदु अधिकारी उन नेताओं में है, जिनकी करीबी केंद्रीय नेतृत्व से हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से उनका सीधा तालमेल है. इससे उन्हें पार्टी में अहम फैसलों और रणनीति में मदद मिलती है.
6. क्षेत्रीय समीकरण साधने में सक्षम: बंगाल की सियासत जाति, क्षेत्र और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करती है. सुवेंदु इन समीकरणों को अच्छे से समझते हैं. बंगाल में बीजेपी की जीत में क्षेत्रीय समीकरण साधने में सुवेंदु की अहम भूमिका रही है.
7. हिंदुत्व+लोकल नैरेटिव का बैलेंस: बीजेपी में आने के बाद से सुवेंदु अधिकारी हिंदुत्व को लेकर मुखर रहे हैं. वह खुलकर हिंदुत्व की राजनीति करते हैं. लेकिन इसके साथ-साथ वह स्थानीय नैरेटिव को भी बनाकर चलते हैं.

8. टीएमसी की कमजोरी जानते हैं: सुवेंदु अधिकारी लंबे समय तक टीएमसी के साथ जुड़े रहे. 2007 के नंदीग्राम के आंदोलन में उनकी अहम भूमिका थी, जिसने टीएमसी को राज्य में खड़ा किया. इसलिए सुवेंदु अधिकारी को टीएमसी की कमजोरी और ताकत को अच्छी तरह से जानते हैं.
9. पार्टी रणनीति में अहम भूमिका: सुवेंदु अधिकारी सिर्फ एक नेता ही नहीं है, बल्कि एक रणनीतिकार भी हैं. चाहे बंगाल चुनाव की रणनीति तैयार करना हो या विपक्ष के तौर पर ममता सरकार को घेरना हो, पार्टी की रणनीति तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही है.
10. संकट के समय फ्रंटलाइन लीडर: एक अच्छा नेता वही होता है जो किसी भी परिस्थिति में सबसे आगे खड़ा हो. सुवेंदु अधिकारी में यह काबिलियत है. चाहे विरोध हो या अपने फैसले पर अड़े रहना, सुवेंदु अधिकारी की छवि उन्हें 'फ्रंटलाइन लीडर' बनाती है.
9 मई को ले सकते हैं शपथ
8 मई को सुवेंदु अधिकारी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है. बताया जा रहा है कि बंगाल के अगले मुख्यमंत्री 9 मई को सुबह 10 बजे कोलकाता के मशहूर 'ब्रिगेड परेड ग्राउंड' में शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे.
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