त्रिपुरा : DM ने जबरन रुकवाई थी शादी, हाईकोर्ट की फटकार के बाद हुआ तबादला

त्रिपुरा उच्च न्यायालय (Tripura High Court) की फटकार के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को पूर्व जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव का तबादला पश्चिमी त्रिपुरा जिले से बाहर कर दिया.

त्रिपुरा : DM ने जबरन रुकवाई थी शादी, हाईकोर्ट की फटकार के बाद हुआ तबादला

शैलेश यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

खास बातें

  • पूर्व जिलाधिकारी का हुआ तबादला
  • त्रिपुरा हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
  • वायरल हुआ था जिलाधिकारी का वीडियो
अगरतला:

त्रिपुरा उच्च न्यायालय (Tripura High Court) की फटकार के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को पूर्व जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव का तबादला पश्चिमी त्रिपुरा जिले से बाहर कर दिया. यादव उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने COVID-19 नियमों को लागू करवाने के तहत एक शादी को जबरन रुकवा दिया था. यादव पर कथित रूप से अगरतला में हो रहे शादी समारोह के बारातियों, दूल्हे और पंडित से दुर्व्यवहार करने का आरोप है. मामले में विभागीय जांच होने के दौरान यादव के ही अनुरोध पर उनको उनके पद से मुक्त कर दिया गया था.

उस घटना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ए कुरेशी और न्यायमूर्ति एसजी चटोपाध्याय की पीठ ने एडवोकेट जनरल सिद्धार्थ शंकर डे से पूछा कि राज्य सरकार ने अबतक उनके (यादव) खिलाफ क्या कार्रवाई की है. डे ने बताया कि शैलेश यादव को पश्चिमी त्रिपुरा के जिलाधिकारी पद से हटा दिया गया है और इस समय वह 12 दिनों की छुट्टी पर हैं.

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इस पर अदालत ने पूछा कि कैसे उन्हें पश्चिमी त्रिपुरा में रहने की अनुमति दी गई, जहां 26 अप्रैल की रात घटना हुई. पीठ ने एडवोकेट जनरल को आधे घंटे में बताने को कहा कि यादव को जिले से बाहर कहां तबादला किया जा रहा है. एडवोकेट जनरल ने इसके बाद प्रशासन से जवाब मांगा और मुख्य सचिव मनोज कुमार से जानकारी मिलने के बाद अदालत को बताया कि यादव को दक्षिण त्रिपुरा जिले के मुख्यालय बेलोनिया स्थानांतरित किया जा रहा है.

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उन्होंने बताया कि बेलोनिया में उन्हें अभी पद आवंटित करना बाकी है और यह अगरतला (जहां घटना हुई थी) से 110 किलोमीटर दूर है. उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने घटना की जांच के लिए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जांच समिति गठित की थी. इसके बाद उच्च न्यायालय ने यादव के खिलाफ पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त जिला जज सुभाष सिकदर को समिति के तीसरे सदस्य के तौर पर नामित किया था.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)