- असम कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने 10 में सुरक्षा और सामाजिक विकास में हुए व्यापक कार्यों को रेखांकित किया
- उन्होंने बताया कि सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा और सामाजिक प्रगति के लिए नए गर्ल्स कॉलेज खोले हैं
- मंत्री ने कहा कि आगामी चुनाव धर्म नहीं, बल्कि सुरक्षा, विकास और आर्थिक प्रगति के मुद्दों पर केंद्रित होगा
असम में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. राज्य के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने NDTV से बातचीत में सरकार के कामकाज, चुनावी तैयारियों और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखीं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में राज्य में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास के क्षेत्र में व्यापक काम हुआ है, जिसके आधार पर जनता एक बार फिर भाजपा सरकार पर भरोसा जताने के लिए तैयार है.
मंत्री ने कहा कि सरकार ने “सुरक्षित असम, विकसित असम और आत्मनिर्भर असम” के लक्ष्य के साथ काम किया है. उनके अनुसार, जाति, वर्ग और स्थानीय पहचान की सुरक्षा के साथ-साथ सभी समुदायों के विकास को प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुए कार्यों के कारण राज्य में स्थिरता और प्रशासनिक सुधार की स्थिति बनी है.
मुस्लिम समुदाय और विकास योजनाओं पर जोर
मुस्लिम मतदाताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर अशोक सिंघल ने कहा कि चुनाव केवल धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि विकास और अवसरों के आधार पर लड़ा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए शिक्षा और सामाजिक प्रगति से जुड़ी कई पहलें की हैं.
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उन्होंने बताया कि राज्य में मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए गर्ल्स कॉलेज खोले गए हैं, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें और पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ें. सरकार का लक्ष्य है कि मुस्लिम युवा पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और प्रशासनिक अधिकारी बनें. उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधुनिक कौशल ही समुदाय के बेहतर भविष्य की कुंजी हैं.
जनसंख्या और सामाजिक संतुलन पर सरकार की चिंता
जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर मंत्री ने कहा कि राज्य में संतुलित जनसंख्या वृद्धि और सामाजिक स्थिरता को लेकर सरकार गंभीर है. उनके अनुसार, संसाधनों, रोजगार और सामाजिक ढांचे पर दबाव को देखते हुए जिम्मेदार पारिवारिक योजना और जागरूकता जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक संतुलित विकास को सुनिश्चित करना है.
अशोक सिंघल ने स्पष्ट किया कि आने वाला चुनाव धर्म नहीं, बल्कि सुरक्षा, विकास और आर्थिक प्रगति के मुद्दों पर केंद्रित है.उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है.
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जन आशीर्वाद यात्रा से शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
आगामी जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर मंत्री ने दावा किया कि इसे जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद है, जो सरकार के काम पर जनता के भरोसे को दर्शाता है. मंत्री ने कहा कि असम अब बदलाव और स्थिरता के दौर में है, और राज्य की जनता खासतौर पर माताओं, बहनों और युवाओं का समर्थन सरकार की सबसे बड़ी ताकत है. उनके अनुसार, आने वाला चुनाव असम के भविष्य, सुरक्षा और समावेशी विकास की दिशा तय करेगा.
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