त्रिपुरा में सत्तारूढ़ BJP को ट्राइबल काउंसिल के चुनाव में मिली करारी हार,लेफ्ट-कांग्रेस को भी...

Tripura Tribal Council Polls:  काउंसिल की अध्यक्षता त्रिपुरा के रॉयल प्रद्योत देब बर्मन कर रहे हैं, जिन्होंने सितंबर में नागरिकता कानून को लेकर पार्टी से मतभेदों के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. 

त्रिपुरा में सत्तारूढ़ BJP को ट्राइबल काउंसिल के चुनाव में मिली करारी हार,लेफ्ट-कांग्रेस को भी...

TIPRA का गठन पूर्व कांग्रेस नेता प्रद्योत मानिक्य देब बर्मन ने की थी. (फाइल)

अगरतला:

BJP को त्रिपुरा ट्राइबल काउंसिल के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. त्रिपुरा में बीजेपी इंडिजिनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ( IPFT) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चला रही है. त्रिपुरा के स्वायत्त जिला परिषद के इन चुनाव में एक नए संगठन द इंडीजिनियस प्रोग्रेसिव रीजनल एलायंस (TIPRA) ने जीत हासिल की है. उसने 28 में से 18 सीटें जीती हैं. बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को महज 9 सीटों पर जीत हासिल हुई है. बाकी सीटें निर्दलीयों के खाते में गई है.

PM मोदी ने भारत-बांग्लादेश के बीच 'मैत्री सेतु' का किया उद्घाटन, त्रिपुरा में शुरू कीं कई परियोजनाएं

हालांकि लेफ्ट और कांग्रेस जिन्हें पहले इन चुनावों में भारी बहुमत मिलता था, उन्हें इस बार एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी. काउंसिल की अध्यक्षता त्रिपुरा के रॉयल प्रद्योत देब बर्मन कर रहे हैं, जिन्होंने सितंबर में नागरिकता कानून को लेकर पार्टी से मतभेदों के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. 

काउंसिल में 30 सीटें हैं, जिनमें से 28 पर चुनाव होता है और दो गवर्नर द्वारा नामित की जाती हैं. ये 30 सीटें त्रिपुरा की 20 विधानसभा सीटों पर फैली हैं. मई 2015 में हुए पिछले चुनाव में सीपीएम की अगुवाई वाले लेफ्ट गठबंधन ने सबका सूपड़ा साफ करते हुए 25 सीटें जीती थीं. जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-आईपीएफटी के गठबंधन ने ट्राइबल काउंसिल वाले क्षेत्रों की 20 में से 18 सीटें जीती थीं.

त्रिपुरा के नेता प्रतिपक्ष बादल चौधरी पर हमला, BJP कार्यकर्ताओं पर आरोप

लेकिन तीन साल बाद ही बीजेपी को करारा झटका लगा है. यहां चुनाव 6 अप्रैल को हुआ था. शुक्रवार को एक अज्ञात समूह ने टिप्रा के नेताओं और उनके उम्मीदवारों पर कथित तौर पर हमला किया था, जब वे मोहनपुर में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के कार्यालय गए थे.इस जगह मतगणना हो रही थी. वेस्ट त्रिपुरा के एसपी मानिक लाल दास ने कहा था कि टिप्रा के समर्थकों और कुछ अन्य लोगों के बीच झड़प हुई थी. लेकिन देब बर्मन पर हमला हुआ, ये हमारे संज्ञान में नहीं आया. वो अगरतला में अपने घर सुरक्षित पहुंच गए थे.

गौरतलब है कि त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब लंबे समय से आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. कोरोना वायरस के दौर में कुप्रबंधन को लेकर भी उन पर निशाना साधा गया. बिप्लब देब अपने विवादित बयानों को लेकर भी कई मुश्किलों में घिर चुके हैं.

Video : गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बोडोलैंड शांति समझौते पर हस्ताक्षर


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com