Mumbai:
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने क्रिकेट कूटनीति के तहत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा अपने पाकिस्तानी समकक्ष और वहां के राष्ट्रपति को मोहाली में विश्व कप क्रिकेट का सेमीफाइनल मैच देखने के लिए आमंत्रित करने के लिए उनकी आलोचना की है। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "यदि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी शांति के नाम पर मोहाली में मैच देखने के लिए आमंत्रित किए जा सकते हैं तो मुम्बई हमले के दोषी कसाब और संसद पर हमले के जिम्मेदार अफजल गुरु के साथ यह नाइंसाफी क्यों? उन्हें भी बुधवार का क्रिकेट मैच देखने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।" ठाकरे ने यह तीखी प्रतिक्रिया शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में लिखे सम्पादकीय में व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जनरल जिया उल हक से जनरल परवेज मुशर्रफ तक शांति के नाम पर क्रिकेट मैच देखने के लिए भारत आते रहे। लेकिन दोनों देशों के बीच समस्याएं अब भी जस की तस हैं। भारत लगातार सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों का शिकार हो रहा है। ठाकरे ने लिखा, "शत्रु देश के प्रति सख्त रवैया अपनाने के बजाय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आंतकवाद पीड़ित लोगों के घाव पर नमक छिड़क रहे हैं।"
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