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This Article is From Feb 10, 2016

विवाहित होते हुए शादी का वादा कर अन्य महिला से संबंध बनाना घृणित अपराध : सुप्रीम कोर्ट

विवाहित होते हुए शादी का वादा कर अन्य महिला से संबंध बनाना घृणित अपराध : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: शादीशुदा होने के बावजूद आपने न केवल एक महिला को शादी का झांसा दिया बल्कि उसके साथ संबंध भी बनाए। ऐसे घृणित अपराध के लिए दोषी को कोई राहत नहीं दी जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को पीड़िता को हर महीने 8000 रुपये पुनर्वास के लिए देने के निर्देश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि दोषी शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। ऐसे में उसने शादी का झांसा देकर महिला के साथ अवैध संबंध बनाए।

सुप्रीम कोर्ट ने दोषी टेकन राम की याचिका को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने दोषी को 7 साल की सज़ा सुनाई थी, जिसे दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 1995 में टेकन राम ने शादीशुदा होने के बावजूद एक महिला को शादी का झांसा दिया और अवैध संबंध बनाए। उसके बाद महिला ने टेकन राम के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था।

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