महाराष्‍ट्र : पाबंदियों के खिलाफ दुकानदार एकजुट, कहा-सरकार ने हमारा धंधा बंद कर रखा लेकिन ऑनलाइन है चालू

महाराष्ट्र में करीब 13 लाख दुकानें हैं जो दो महीने से बंद हैं. इसकी वजह से 70 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.

महाराष्‍ट्र : पाबंदियों के खिलाफ दुकानदार एकजुट, कहा-सरकार ने हमारा धंधा बंद कर रखा लेकिन ऑनलाइन है चालू

महाराष्‍ट्र में लगातार लॉकडाउन से व्‍यापार पर बुरा असर पड़ा है (प्रतीकात्‍मक फोटो)

मुंंबई:

लगभग दो महीनों से महाराष्ट्र में लगाई गई पाबंदियों का असर व्यापार और दुकानों पर पड़ा है. दुकानदार पोस्टर के ज़रिए अपनी नाराजगी जता रहे हैं और सरकार से राहत की माँग कर रहे हैं. मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित सुपर शॉपिंग सेंटर के दुकानों के बाहर पोस्‍टर लगाकर दुकानदार, महाराष्ट्र सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि लगभग दो महीनों से व्यापार और सभी दुकानें बंद हैं जिसका असर आर्थिक हालत पर पड़ा है. कॉस्मेटिक और दूसरे ब्यूटी प्रोडक्ट बेचने वाले पंकज निसार बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में इस साल परेशानी बढ़ी है, कई सामान एक्सपायर होने के कगार पर हैं और साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग पर पाबंदी नहीं लगाए जाने का भी असर पड़ा है.

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पंकज कहते हैं, 'हम लोग खर्चा नहीं निकाल पा रहे और न ही धंधा हो रहा है. आधा रेंट भी बैठे बैठे लिया जा रहा है, जिसकी वजह से आधा मार्केट खाली होने के चक्कर में है. यह पोस्टर लगाया कि सरकार तक हमारी बात जाए, सरकार हमारी सुने लेकिन सरकार कुछ सुन नहीं रही है.' उन्‍होंने कहा, 'सरकार ने हमारा धंधा बंद रखा है लेकिन ऑनलाइन शुरू है. उन पर पाबंदी नहीं है.' कुछ ऐसा ही हाल आर्ट एंड क्राफ्ट की दुकान चलाने वाले काँजी रवारिया का है. वे कहते हैं, 'सामान धूल खा रहा है और खरीदने वाला कोई नहीं. कमाई भले ही बंद हो लेकिन घर का खर्च, EMI और GST भरना पड़ता है, इससे कोई राहत नहीं मिली है. लॉकडाउन का असर इनके यहां काम करने वाले 4 कर्मचारियों पर भी पड़ा है.

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एक अनुमान के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 13 लाख दुकानें हैं जो दो महीने से बंद हैं. इसकी वजह से 70 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. इसका असर इन दुकानों में काम करने वाले कुल 55 लाख लोगों पर भी पड़ा है. दुकानदार सरकार से व्यापार दोबारा शुरू करने की अनुमति देने कह रहे हैं. फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) के अध्‍यक्ष वीरेन शाह कहते हैं, 'इस तरह का लॉकडाउन पिछले 14 महीने में कभी नहीं हुआ है, जैसा अभी मुंबई और महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में हो रहा है. सरकार को इस पर सोचना पड़ेगा.' व्यापारियों की मांग पर मुंबई के पालक मंत्री असलम शेख ने जल्द ही कोई निर्णय लेने की बात कही है. असलम शेख ने कहा, 'आने वाले दिनों में कौन सी दुकान खुलेंगी, कितने समय तक खुलेंगी और क्या कुछ होगा, इस पर SOP बनाई जाएगी और जल्द से जल्द कुछ राहत दी जाएगी.'

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