नई दिल्ली:
मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी का मानना है कि जनता को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में किसी उम्मीदवार को खारिज करने का अधिकार देने की टीम अन्ना की मांग गौर करने लायक है लेकिन उम्मीदवार को वापस बुलाने से राजनीतिक अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हों और संसदीय सर्वोच्चता पर सवाल नहीं उठने चाहिए। कुरैशी ने कहा कि आयोग की खारिज करने के अधिकार की मांग पर मिली-जुली भावना है। कुरैशी ने कहा, यदि बार-बार चुनाव होते हैं तो हमें आपत्ति है। अन्ना हजारे पक्ष ने हमसे मुलाकात की। उन्होंने हमसे कहा कि अन्ना का विचार है कि धन बल एक बड़ा मुद्दा है और इससे चुनाव आयोग समेत सभी को परेशानी हो रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि आयोग इस संबंध में कानून नहीं होने की स्थिति में अपराधियों को रोकने में सक्षम नहीं है तो कम से कम जनता ऐसे उम्मीदवारों को खारिज कर सकती है जो करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। कुरैशी ने कहा कि इस पर गौर किया जा सकता है और इस विषय पर अध्ययन की जरूरत है। हालांकि उन्होंने कहा कि कई कानूनी मुद्दे हैं जिनपर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में एक बटन शामिल करने का सुझाव दिया है जो मतदाताओं को उम्मीदवारों में इनमें से कोई नहीं के विकल्प को चुनने की आजादी दे जो पहले मतपत्र प्रणाली में व्यवस्था थी।
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