Noida के प्रकाश अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म,परिजनों से मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल ले जाने को कहा

Noida के Prakash Hospital में करीब 100 मरीज हैं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. इनमें ज्यादातर आईसीयू में हैं और कुछ वेंटिलेटर पर हैं. कुछ दिनों पहले शारदा हास्पिटल में ऐसा ही देखने को मिला था, जब महज ऑक्सीजन खत्म होने के आधे घंटे पहले सप्लाई पहुंची थी.

Noida के प्रकाश अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म,परिजनों से मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल ले जाने को कहा

Oxygen shortage इस वक्त कोरोना मरीजों के लिए सबसे बड़ा संकट (File)

खास बातें

  • Noida के इस अस्पताल में 100 के करीब मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर
  • कैलाश अस्पताल और शारदा अस्पताल में भी आया संकट
  • कोरोना मरीजों के बेहाल परिजनों ने नोएडा प्रशासन से लगाई गुहार
नोएडा:

दिल्ली ही नहीं, उसके आसपास के इलाकों के कोविड अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन का संकट होने लगा है. गुरुवार को नोएडा के प्रकाश अस्पताल (Noida Prakash hospital) में ऐसा ही देखने को मिला. ऑक्सीजन खत्म होता देख अस्पताल प्रशासन ने भी तुरंत ही मरीजों के परिजनों से कह दिया कि वे अपने बीमार मरीज को तुरंत ही कहीं और ले जाएं. आनन-फानन में अस्पताल की इस दो टूक से परेशान मरीजों ने नोएडा प्रशासन से गुहार लगाई है. नोएडा प्रशासन का कहना है कि वहऑक्सीजन का इंतजाम करने में जुटा है.

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अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को फोन करके कहा गया है कि वे अगर सक्षम हैं तो अपने बीमार लोगों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करें. एक पीड़ित परिजन ने कहा कि उसके भाई अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अस्पताल कह रहा है कि 5 घंटे की ही ऑक्सीजन बची है. युवक ने कहा कि अगर सरकारें विधानसभा चुनाव के लिए पर्याप्त इंतजाम कर सकती हैं तो ऑक्सीजन के लिए क्यों नहीं. जो मरीज ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं कर सकते हैं, उन्हें मरीजों को ले जाने को कहा गया है. अस्पताल में करीब 100 मरीज हैं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. इनमें से ज्यादातर आईसीयू में हैं और कुछ वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी हैं.

कुछ दिनों पहले शारदा हास्पिटल में भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब महज ऑक्सीजन खत्म होने के आधे घंटे पहले सप्लाई पहुंची थी. अगर समय पर ऑक्सीजन न पहुंचती तो बड़ा नुकसान हो सकता था. नोएडा का नामचीन कैलाश अस्पताल भी इस संकट से अछूता नहीं है. नोएडा से सांसद महेश शर्मा के शहर में चार अस्पताल हैं, लेकिन अस्पताल ने नए कोविड मरीजों को यह कहते हुए लेने से मना कर दिया है कि उनके यहां ऑक्सीजन नहीं है. उन्हें 36 घंटे बाद ऑक्सीजन मिलने की उम्मीद है. इससे पता चलता है कि दिल्ली-एनसीआर में ऑक्सीजन का संकट कितना गहरा गया है.

इसे लेकर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'दिल्ली के हालात चिंताजनक हैं. दिल्ली को केंद्र ज्यादा संसाधन उपलब्ध कराए. दिल्ली सरकार ने कहा, आज 85 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं, हमें तुरंत ऑक्सीजन व संसाधनों की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा है. हमें तुरंत ऑक्सीजन चाहिए, 700 MT से बढ़कर 973 MT की जरूरत बढ़ गई है. जल्द ही 1100 हो जाएगी. इसके चलते लोग मर जाएंगे. हमें तुरंत ऑक्सीजन दी जाए.

गौरतलब है कि देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले विकराल रूप लेते जा रहे हैं और ऐसे में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से ऑक्सीजन की किल्लत की खबरें भी सामने आई हैं. अब राजधानी दिल्ली में भी ऑक्सीजन की भारी किल्लत की खबर है. दिल्ली में जिस तरह कोरोना के मामलों में तेजी आई है, यहां के अस्पतालों में ऑक्सीजन बहुत तेजी से खत्म हो रहा है. राजधानी के कई बड़े अस्पतालों में केवल कुछ घंटे का ही ऑक्सीजन बचा है.

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