
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
पत्रकार रोहिणी सिंह बनाम जय शाह मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच नहीं करेगी. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी. इस मामले में ट्रायल पर स्टे का अंतरिम आदेश बना रहेगा.
चीफ जस्टिस ने कहा कि रेगुलर बेंच के सामने केस लिस्ट किया जाए क्योंकि उनके पास वक्त की कमी है. सुप्रीम कोर्ट वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही है. रोहिणी ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि केस को रद्द करने की मांग खारिज कर दी थी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 12 अप्रैल तक ट्रायल पर रोक लगा दी थी.
वेब साइट ने दावा किया था कि एनडीए के सत्ता में आने के एक साल बाद उनकी कंपनी का कारोबार 16,000 गुना बढ़ गया था. 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कंपनी ने अपने कारोबार में भारी वृद्धि की. एक साल में इसकी आय 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गई. जय शाह ने लेख की लेखिका रोहिणी सिंह के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि मुकदमा दायर किया. आपराधिक मानहानि के मामले में, महानगर मजिस्ट्रेट ने 13 नवंबर को सभी उत्तरदाताओं को बुलाया था.
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह गैग आदेश के चलते सुरक्षित थे. अहमदाबाद कोर्ट ने वेब साइट के खिलाफ आदेश दिया था कि वो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट अमित शाह के खिलाफ किसी विशेष रुप में नहीं प्रकाशित कर सकते जिसके बाद द वायर ने हाईकोर्ट के तरफ रुख किया था. लेकिन हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी.
चीफ जस्टिस ने कहा कि रेगुलर बेंच के सामने केस लिस्ट किया जाए क्योंकि उनके पास वक्त की कमी है. सुप्रीम कोर्ट वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही है. रोहिणी ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि केस को रद्द करने की मांग खारिज कर दी थी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 12 अप्रैल तक ट्रायल पर रोक लगा दी थी.
वेब साइट ने दावा किया था कि एनडीए के सत्ता में आने के एक साल बाद उनकी कंपनी का कारोबार 16,000 गुना बढ़ गया था. 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कंपनी ने अपने कारोबार में भारी वृद्धि की. एक साल में इसकी आय 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गई. जय शाह ने लेख की लेखिका रोहिणी सिंह के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि मुकदमा दायर किया. आपराधिक मानहानि के मामले में, महानगर मजिस्ट्रेट ने 13 नवंबर को सभी उत्तरदाताओं को बुलाया था.
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह गैग आदेश के चलते सुरक्षित थे. अहमदाबाद कोर्ट ने वेब साइट के खिलाफ आदेश दिया था कि वो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट अमित शाह के खिलाफ किसी विशेष रुप में नहीं प्रकाशित कर सकते जिसके बाद द वायर ने हाईकोर्ट के तरफ रुख किया था. लेकिन हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं