
छगन भुजबल की फाइल फोटो
मुंबई:
महाराष्ट्र के पूर्व Pwd और गृह मंत्री छगन भुजबल एक के बाद एक मुसीबत में घिरते जा रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के बाद अब ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने ईसीआईआर (enforcement case iinformation report) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानून के मुताबिक ईडी किसी के खिलाफ ईसीआईआर तभी फ़ाइल कर सकती है जब उसके खिलाफ किसी और जांच एजेंसी ने एफआईआरदर्ज किया हो। छगन भुजबल के खिलाफ एसीबी अभी तक 2 मामले दर्ज कर चुकी है। अभी एक दिन पहले ही महाराष्ट्र ACB ने छगन भुजबल के घरों पर छापे मारकर कुल 31 अचल संपत्ति का खुलासा किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने भुजबल के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग यानी काले पैसे को सफ़ेद करने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। बीजेपी सांसद और मामले में याचिका दायर करने वाले किरीट सोमैया का कहना है, 'इसमें सस्ते शेयर महंगे दामो में खरीदने का आरोप है। विदेशों में पैसे लगाने का आरोप है। शक है कि ये पैसे किक बैक के तौर पर मिले हैं।'
इस बीच छगन भुजबल ने एसीबी पर प्रेस में उनके बारे में गलत जानकारी देकर बदनाम करने का आरोप लगाया है। छगन भुजबल ने आरोप लगाया कि छापा मारने के बाद एसीबी ने कई घरों के आकार और कीमत जान बूझकर बढ़ा चढ़ाकर बताई है।
भुजबल ने अपनी सफाई में कहा है कि जयादातर संपत्ति पैतृक और पुरखों से मिली है। इधर दिल्ली में महाराष्ट्र सदन घोटला और कालीना में भूखंड घोटाले की जांच कर रही एसीबी अब इस पड़ताल में लगी है कि छगन भुजबल पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है या नहीं। लेकिन हैरानी की बात है कि जिसके पास इतनी अचल संपत्ति है, छापे में उसके घर से कोई भी चल संपत्ति नहीं मिली। ना नकद, ना एफडी, ना शेयर और ना ही जेवर?
कानून के मुताबिक ईडी किसी के खिलाफ ईसीआईआर तभी फ़ाइल कर सकती है जब उसके खिलाफ किसी और जांच एजेंसी ने एफआईआरदर्ज किया हो। छगन भुजबल के खिलाफ एसीबी अभी तक 2 मामले दर्ज कर चुकी है। अभी एक दिन पहले ही महाराष्ट्र ACB ने छगन भुजबल के घरों पर छापे मारकर कुल 31 अचल संपत्ति का खुलासा किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने भुजबल के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग यानी काले पैसे को सफ़ेद करने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। बीजेपी सांसद और मामले में याचिका दायर करने वाले किरीट सोमैया का कहना है, 'इसमें सस्ते शेयर महंगे दामो में खरीदने का आरोप है। विदेशों में पैसे लगाने का आरोप है। शक है कि ये पैसे किक बैक के तौर पर मिले हैं।'
इस बीच छगन भुजबल ने एसीबी पर प्रेस में उनके बारे में गलत जानकारी देकर बदनाम करने का आरोप लगाया है। छगन भुजबल ने आरोप लगाया कि छापा मारने के बाद एसीबी ने कई घरों के आकार और कीमत जान बूझकर बढ़ा चढ़ाकर बताई है।
भुजबल ने अपनी सफाई में कहा है कि जयादातर संपत्ति पैतृक और पुरखों से मिली है। इधर दिल्ली में महाराष्ट्र सदन घोटला और कालीना में भूखंड घोटाले की जांच कर रही एसीबी अब इस पड़ताल में लगी है कि छगन भुजबल पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है या नहीं। लेकिन हैरानी की बात है कि जिसके पास इतनी अचल संपत्ति है, छापे में उसके घर से कोई भी चल संपत्ति नहीं मिली। ना नकद, ना एफडी, ना शेयर और ना ही जेवर?
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