दिल्‍ली के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन को लेकर 'इमरजेंसी', पांच प्रमुख अस्‍पताल में स्‍टॉक खत्‍म होने की कगार पर

दिल्‍ली के कुछ प्रमुख अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन की कमी है, इसमें अपोलो, होली फैमिली आदि अस्‍पताल शामिल हैं.

दिल्‍ली के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन को लेकर  'इमरजेंसी', पांच प्रमुख अस्‍पताल में स्‍टॉक खत्‍म होने की कगार पर

दिल्‍ली के ज्‍यादातर अस्‍पताल ऑक्‍सीजन की कमी का सामना कर रहे हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नई दिल्ली:

कोरोना के मामलों में तेजी से हो रहे इजाफे के बाद ऑक्‍सीजन की उपलब्‍धता को लेकर अस्‍पतालों में इमजरेंसी के हालात हैं. मंगलवार की रात जानकारी आई कि कई अस्पतालों में सिर्फ़ कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बचा है. उनमें से कई में तो ऑक्‍सीजन का स्‍टाक सिर्फ़ 4-5 घंटे का ही है. दिल्‍ली के कई प्रमुख अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी है, इसमें अपोलो, मैक्‍स, गंगाराम सिटी हॉस्पिटल, होली फैमिली आदि अस्‍पताल शामिल हैं. सेंट स्‍टीफन हॉस्पिटल, होली फैमिली हॉस्पिटल, और सर इरिन हॉस्पिटल (Sir Irene Hospital) की ओर से भी कहा गया है कि उनके पास कुछ ही घंटों की सप्‍लाई शेष है. हालात इतने बिगड़ गए कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्‌वीट कर तुरंत ऑक्सीजन भेजने की केंद्र से अपील की. लिखा कि अगर सुबह तक ऑक्सीजन नहीं पहुंची तो हाहाकार मच जाएगा.

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की इस अपील के बाद देर रात दिल्ली के कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन की खेप भेजी गई. अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन को लेकर इस हालात के बीच जीटीबी, गंगाराम अस्पताल के बाद आज सुबह मैक्स पटपड़गंज में भी ऑक्सीजन टैंकर पहुंचा. रात से ही मैक्स पटपड़गंज में ऑक्सीजन की ज़रूरत थी. लेकिन आज सुबह जितना ऑक्सीजन मिला है वो सिर्फ आज शाम तक ही चल पाएगा. इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में भी 10 मेट्र‍िक टन ऑक्सीजन पहुंचा है. इस बीच दिल्ली में ऑक्सीजन संकट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल की बैठक हो रही है. इस बैठक में कोरोना से दिल्ली की बिगड़ती स्थिति पर भी चर्चा हो रही है.

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गंगाराम सिटी हॉस्पिटल में इस समय 58 मरीज (10 ICU सहित) भर्ती हैं जबकि 35 भर्ती होने के इंतजार में हैं. इस अस्‍पताल में भी केवल पांच घंटे की ऑक्‍सीजन शेष है. दिल्‍ली के होली फैमिली अस्‍पताल के डायरेक्‍टर फादर जार्ज ने  NDTV से बातचीत में कहा, 'हमारे पास कल दिन तक का ऑक्सीजन, शाम तक नहीं चलेगा.करीब 400 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. सुबह शाम दो बार ऑक्सीजन की सप्लाई होती थी और रिफिलिंग होता था. आज सुबह तो आया पर अब शाम में कंपनी मना कर रही है.' उन्‍होंने बताया कि फरीदाबाद की Linde कंपनी से सप्‍लाई होती थी. कंपनी कह रही है ऊपर से आदेश है एडमिनिस्ट्रेशन का, सप्लाई नहीं कर सकते. कंपनी पर प्रशासन के लोग तैनात हैं.  उन्‍होंने कहा कि ऑक्सीजन नहीं मिली तो कल से दिक्कत आएगी. इंद्रप्रस्थ का अपोलो अस्‍पताल भी ऑक्‍सीजन की कमी का सामना कर रहा है. अस्‍पताल के पास 10 से 12 घंटे का ऑक्‍सीजन ही बचा है और यहां करीब 350 मरीज ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं. इंद्रप्रस्‍थ के अपोलो हॉस्पिटल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, हमारे पास इस बारे में काफी पूछताछ आ रही है कि आपके यहां ऑक्‍सीजन की स्थिति क्‍या है. इस बारे में अस्‍पताल प्रबंधन स्‍पष्‍ट करना चाहता है कि हमारे पास अभी 10 से 12 घंटे की ऑक्‍सीजन सप्‍लाई है जो कि काफी कम है यह स्‍तर काफी कम है और पिछले एक सप्‍ताह से अधिक समय से सप्‍लाई में देर हो रही है.

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इस बीच, मैक्स अस्पताल की ओर से आरोप लगाया गया है किमंगलवार रात मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग आने वाले ऑक्सीजन टैंकर को AIIMS भेज दिया गया. इस मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि इसके चलते हमारे ऑक्सीजन टैंक खाली हो गए और ऐसी गंभीर परिस्थिति में हमको मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर से संभालना पड़ा. यह ऑक्सीजन सिलेंडर भी मैक्स हेल्थ केयर नेटवर्क के दूसरे अस्पतालों से मांग कर लाए गए. अस्‍पताल ने कहा है कि हमारे यहां 250 कोरोना मरीज़ है, इनमें से ज़्यादातर ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. इस घटना की वजह से हमारे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ी है और इससे हालात काफी गंभीर हो सकते हैं. अस्‍पताल की ओर से कहा गया है, हम आपसे निवेदन करते हैं कि आप और सरकार ऑक्सीजन की सप्लाई हमारे अस्पतालों को सुनिश्चित करें. हमको रोजाना 25 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है. मैक्स हॉस्पिटल की ओर से इसकी एक कॉपी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को भी भेजी गई है.

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