COVID-19: त्योहारी मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय का SOP जारी, ऐसे रख सकते हैं खुद को सेफ 

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी SOP में कहा गया है कि 65 वर्ष की आयु से ऊपर के व्यक्ति, गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से छोटे बच्चों को घर में रहने की सलाह है.

COVID-19: त्योहारी मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय का SOP जारी, ऐसे रख सकते हैं खुद को सेफ 

त्योहारों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया एसओपी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण के रोजाना हजारों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं. सरकार की ओर से महामारी पर काबू पाने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है. अक्टूबर से दिसंबर तक का समय त्योहारों और कार्यक्रमों का है. त्योहार के दौरान, कोरोना नहीं फैले इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. इसमें कहा गया है कि कंटेनमेंट ज़ोन में किसी भी तरह की धार्मिक पूजा-पाठ, कार्यक्रम, मेला और सांस्कृतिक समेत अन्य कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी. 

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी SOP में कहा गया है कि 65 वर्ष की आयु से ऊपर के व्यक्ति, गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से छोटे बच्चों को घर में रहने की सलाह है. समक्ष प्राधिकरण स्थानीय स्तर पर मूल्याकंन के आधार पर अपने अधिकार क्षेत्र के अंदर समय-समय पर अतिरिक्त उपाय कर सकते हैं. 

सामान्य एहतियाती उपाय
- सार्वजनिक स्थानों पर लोग एक-दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी बरकार रखें. 
- फेस कवर और मास्क का प्रयोग अनिवार्य
- बार-बार हाथों को साबुन से धोए. कम से कम 40 से 60 सेकंड तक. एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
- अपने स्वास्थ्य की खुद से निगरानी करें और बीमारी की सूचना जल्द से जल्द राज्य या जिल हेल्पलाइन पर दें.
- थूकने पर कड़ाई से पाबंदी रहेगी. 
- सभी को आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya SetU App) डाउनलोड और उपयोग करने की सलाह  
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को सही तरह से कवर करें और टिश्यू या रूमाल को सही तरीके से निस्तारित करें.

प्रशासनिक उपाय
स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति में कार्यक्रमों के आयोजकों के लिए भी जरूरी उपाय जारी किए गए हैं. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस त्योहारी सीजन से जुड़े त्योहार, मेला, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस और अन्य कार्यक्रम में भारी भीड़ आती है. इसलिए प्रशासन के स्तर पर इन जरूरतों का पालन करने की सलाह दी जाती है. 

- कार्यक्रम स्थल की पहचान कर विस्तृत कार्य योजना तैयार करें ताकि थर्मल स्क्रीनिंग, शारीरिक दूरी के नियम और सैनेटाइजेशन इत्यादि के साथ नियमों का पालन हो सके. 

- रैली और विसर्जन जुलूस के मामले में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिंग और मास्क का ध्यान रखा जाए. 

- लंबी दूरी की रैली और जुलूस के लिए एबंलेुस सेवाओं की जरूरत पड़ सकती है. 

- कई दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों जैसे प्रदर्शनी, मेला, पूजा पंडाल, रामलीला पंडाल में लोगों की अधिकतम संख्या सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय होने चाहिए. अलग-अलग टाइमिंग और एंट्री बंद करने पर भी विचार किया जा सकता है. 

- वालेंटियर्स को थर्मल स्कैनिंग, फिजिकल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनाकर तैनात किया जाए. 

- थियेटर और सिनेमा कलाकारों के लिए जारी गाइडलाइंस स्टेज कलाकारों पर भी लागू होंगी.

- सैनिटाइजर और थर्मल गन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग के लिए फ्लोर पर मार्किंग की जाए. 


- निगरानी के लिए सीसीटीवी इत्यादि का इस्तेमाल किया जाए. 

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