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पश्चिम बंगाल में दिसंबर से अब तक 2 निपाह मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह भ्रामक जानकारी से बचें, जानें कैसे सुरक्षित रहें

Nipah Virus Outbreak: जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल (कोलकाता-बैरासत समेत आसपास) में 5 निपाह वायरस के मामलों की खबरें आईं. लेकिन, केन्द्र सरकार (स्वास्थ्य मंत्रालय/ NCDC) ने बाद में स्पष्ट रूप से बताया कि दिसंबर 2025 से अब तक सिर्फ दो ही मामले पुष्टि हुए हैं.

पश्चिम बंगाल में दिसंबर से अब तक 2 निपाह मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह भ्रामक जानकारी से बचें, जानें कैसे सुरक्षित रहें
Nipah Virus Outbreak: सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन कन्फर्म मामलों से जुड़े 196 लोगों की पहचान की गई.

Nipah Virus Update: हाल के दिनों में निपाह वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ी है. मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की खबरें और आंकड़े सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर और भ्रम दोनों बढ़ रहे हैं. निपाह वायरस एक जानलेवा वायरस माना जाता है, जो मुख्य रूप से चमगादड़ों से फैलता है और जिसकी अब तक कोई पक्की दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. यही वजह है कि इसे महामारी की क्षमता वाला वायरस कहा जाता है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने साफ किया है कि निपाह वायरस को लेकर फैल रही कई खबरें अटकलबाजी पर आधारित हैं और वास्तविक स्थिति उतनी भयावह नहीं है, जितनी दिखाई जा रही है.

सबसे पहले क्या खबर आयी थी?

जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल (कोलकाता-बैरासत समेत आसपास) में 5 निपाह वायरस के मामलों की खबरें आईं, जिसमें कुछ हेल्थ-वर्कर्स (डॉक्टर/नर्स) भी शामिल थे. इस खबर के बाद लगभग 100 से ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया और तटस्थ निगरानी-परीक्षण तेजी से शुरू किया गया.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या बताया?

लेकिन, केन्द्र सरकार (स्वास्थ्य मंत्रालय/ NCDC) ने बाद में स्पष्ट रूप से बताया कि दिसंबर 2025 से अब तक सिर्फ दो ही मामले पुष्टि हुए हैं, बाकी खबरों में 5 कहा गया था, वह अनधिकृत या अनुमान थी. आज तक दक्षिण बंगाल में कुल 2 ही पुष्टि-किए गए निपाह केस हैं, जो दिसंबर से 27 जनवरी 2026 तक की स्थिति में है.

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निपाह वायरस पर सरकार का लेटेस्ट अपडेट:

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि पिछले साल दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो कन्फर्म मामले सामने आए हैं. सोशल मीडिया पर फैल रही बड़ी संख्या में मामलों की खबरें गलत हैं. इन दोनों मामलों की पुष्टि के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर तय प्रोटोकॉल के अनुसार सभी जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम उठाए.

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी का हाल:

सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन कन्फर्म मामलों से जुड़े 196 लोगों की पहचान की गई. इन सभी लोगों को ट्रेस किया गया, उनकी निगरानी की गई और जांच भी कराई गई. राहत की बात यह है कि सभी लोग एसिम्प्टोमैटिक पाए गए, सभी की निपाह वायरस रिपोर्ट नेगेटिव आई. इससे साफ है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है?

  • निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलती है.
  • इसका मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ माने जाते हैं.
  • दूषित फल, कच्चा खजूर का रस या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है.

निपाह वायरस के लक्षण:

निपाह वायरस के लक्षण सामान्य बुखार से लेकर गंभीर स्थिति तक हो सकते हैं, जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, गंभीर मामलों में दिमाग पर असर (एन्सेफेलाइटिस). लक्षण दिखने पर खुद इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है.

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जब इलाज नहीं है, तब बचाव ही सबसे बड़ा उपाय:

निपाह वायरस का कोई पक्का इलाज नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे असरदार हथियार है.

  • खुले और कटे हुए फल खाने से बचें.
  • चमगादड़ों के संपर्क में आए फल या रस का सेवन न करें.
  • बीमार व्यक्ति से दूरी रखें.
  • हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें.
  • अफवाहों पर नहीं, सिर्फ सरकारी और भरोसेमंद स्रोतों पर भरोसा करें.

किन गलतियों से बचना जरूरी है?

  • बिना लक्षण के घबराकर टेस्ट करवाना.
  • सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की खबरें फैलाना.
  • हल्के लक्षणों को नजरअंदाज करना.

निपाह वायरस गंभीर जरूर है, लेकिन मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं. सही जानकारी, सावधानी और जागरूकता ही इस वायरस से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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