
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू की फाइल फोटो
पासीघाट:
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चीनी सेना ने पिछले महीने दो बार अरुणाचल प्रदेश की सीमा का अतिक्रमण किया था, लेकिन इसे घुसपैठ नहीं कहा जा सकता, यह सीमा अतिक्रमण का मामला है.
अरुणाचल में चीन सीमा के पास पासीघाट एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि पहली घटना 22 जुलाई को सुदूर एंजवा जिले के किबिथू में हुई, जबकि दूसरा अतिक्रमण भी जुलाई में ही तवांग जिले के थंगसा में हुआ.
रिजीजू ने कहा, 'हम इसे घुसपैठ नहीं कह सकते, बल्कि यह अतिक्रमण था, क्योंकि चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते क्षेत्र को अपना समझ वहां आ गई.' उन्होंने कहा कि जब किबिथू से आईटीबीपी ने इस मामले की खबर भेजी तब केंद्र ने उसका सत्यापन किया और पाया कि यह बस अतिक्रमण की घटना है.
जब उनसे सीमापार के चीन के बुनियादी ढांचे के जैसा ढांचा खड़ा करने के सरकार के प्रयास के बारे में पूछा गया तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र पहले ही बुनियादी ढांचों केा मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है और पासीघाट में एएलजी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
रिजीजू ने कहा, 'हम अपनी सीमा पर के बुनियादी ढांचों को मजबूत कर किसी देश को चुनौती या उसके साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं. हमें अपनी रक्षा को मजबूत करने के लिए जबर्दस्त बुनियादी ढांचा खड़ा करना होगा और हमने जो कुछ किया है वह इसलिए है, क्योंकि भारत क्षमता के साथ उभरती ताकत है. इसलिए वायुसेना के पास सीमावर्ती राज्यों में संचालनात्मक आधार होना चाहिए.'
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अरुणाचल में चीन सीमा के पास पासीघाट एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि पहली घटना 22 जुलाई को सुदूर एंजवा जिले के किबिथू में हुई, जबकि दूसरा अतिक्रमण भी जुलाई में ही तवांग जिले के थंगसा में हुआ.
रिजीजू ने कहा, 'हम इसे घुसपैठ नहीं कह सकते, बल्कि यह अतिक्रमण था, क्योंकि चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते क्षेत्र को अपना समझ वहां आ गई.' उन्होंने कहा कि जब किबिथू से आईटीबीपी ने इस मामले की खबर भेजी तब केंद्र ने उसका सत्यापन किया और पाया कि यह बस अतिक्रमण की घटना है.
जब उनसे सीमापार के चीन के बुनियादी ढांचे के जैसा ढांचा खड़ा करने के सरकार के प्रयास के बारे में पूछा गया तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र पहले ही बुनियादी ढांचों केा मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है और पासीघाट में एएलजी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
रिजीजू ने कहा, 'हम अपनी सीमा पर के बुनियादी ढांचों को मजबूत कर किसी देश को चुनौती या उसके साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं. हमें अपनी रक्षा को मजबूत करने के लिए जबर्दस्त बुनियादी ढांचा खड़ा करना होगा और हमने जो कुछ किया है वह इसलिए है, क्योंकि भारत क्षमता के साथ उभरती ताकत है. इसलिए वायुसेना के पास सीमावर्ती राज्यों में संचालनात्मक आधार होना चाहिए.'
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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