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पाकिस्तान हॉकी क्यों हुई बर्बाद? पूर्व कप्तान ने गिनाईं गलतियां, भारत को बताया मेडल का दावेदार

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने देश में मजबूत घरेलू हॉकी सिस्टम की कमी को हॉकी के गिरते स्तर के लिए जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि 2008 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई न कर पाने के बाद भारत ने ग्रासरूट और घरेलू इकोसिस्टम में निवेश किया और अब उसे इसका फ़ायदा मिल रहा है.

पाकिस्तान हॉकी क्यों हुई बर्बाद? पूर्व कप्तान ने गिनाईं गलतियां, भारत को बताया मेडल का दावेदार
Indian and Pakistan Hockey Team
IANS

पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने वर्ल्ड कप की सबसे कामयाब टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान में हॉकी के गिरते स्तर के लिये डोमेस्टिक स्ट्रक्चर्स के अभाव को कसूरवार ठहराया है. सलमान अकबर ने कहा कि भारतीय हॉकी बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते चेत गई और नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदक के रूप में मिला.

पाकिस्तान के लिये 230 मैच , 2004 और 2008 ओलंपिक खेल चुके दिग्गज गोलकीपर सलमान ने यहां भाषा को दिये खास इंटरव्यू में पाकिस्तान हॉकी के पतन के कारणों के बारे में पूछने पर कहा, 'यूं तो कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की. आपके घर में खिलाड़ियों के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है.'

डोमेस्टिक स्ट्रक्चर्स नहीं के बराबर

उन्होंने बताया कि, 'खिलाड़ियों को बस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौका मिलता है तो वहां या घरेलू शिविरों तक व्यस्त रहते हैं. डोमेस्टिक स्ट्रक्चर्स नहीं के बराबर है जहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने चाहिये.' पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है और प्रो लीग के पिछले सत्र में टीम आखिरी स्थान पर रही थी .

अपने खेलने के दौर से आज की भारतीय टीम में आये बदलाव के बारे में पूछने पर नीदरलैंड में बसे 44 साल के इस पूर्व खिलाड़ी और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच ने कहा , 'टीम को छोड़ें , हॉकी ही इतनी बदल गई है. मैने पैतीस मिनट के दो हाफ वाली हॉकी भी खेली है लेकिन अब चार क्वार्टर का खेल हो गया है. उस दौर की भारतीय टीम ने भी अलग हॉकी खेली और आज की टीम अलग खेल रही है तो कोई तुलना हो ही नहीं सकती.'

'भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत'

उन्होंने यह भी कहा कि तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने और पेरिस में उसे बरकरार रखने वाली भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत है कि वह ऐसे समय में खेल रही है जब भारतीय हॉकी प्रगति की राह पर है.

2008 के बाद जाग चुकी है भारतीय टीम

सलमान ने कहा , 'यह पीढी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आये जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं करने के झटके बाद जाग चुकी थी. उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया. आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है. उसका नतीजा भी मिला और वह भी एक दो साल में नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक तक इंतजार करना पड़ा.'

भारत के पास  प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल

उन्होंने कहा, 'उतार चढाव भी आये लेकिन भारत ने अपने कोचों तक को ट्रेनिंग दी और उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बना. अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरते हैं.' सलमान ने यह भी कहा कि दोनों टीमों की परिस्थितियां चाहे जो हो लेकिन मैदानी प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आयेगी और पाकिस्तान पिछले दस साल में भारत से जीत नहीं पाने की कसक मिटाने की पूरी कोशिश करेगा.

बदला लेने की उम्मीद से उतरेगा पाकिस्तान

उन्होंने कहा , 'हाल ही में प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया, लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा. लोगों को भारत पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है. हॉकी के लिये यह मैच काफी अहम है. 2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है. मैं दोनों टीमों को शुभकामना देता हूं और उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से ‘हैंडशेक' भी करेंगे.'

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