World Ashtma Day 2023: हर साल मई के पहले मंगलवार को वर्ल्ड अस्थमा डे का आयोजन पूरी दुनिया में किया जाता है. 2023 में 2 मई को वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जाएगा. अस्थमा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के इस दिवस की शुरुआत 1993 हुई थी. फेफड़ों से जुड़ी बीमारी में श्वसन नली में सूजन आने के कारण सांस लेने में परेशानी होने लगती है. अस्थमा से पीड़ितों को प्राणायाम और योगासन से आराम मिल सकता है. जानते हैं अस्थमा में राहत देने वाले आसनों को करने का तरीका…
अर्ध मत्स्येंद्रासन
यह बैठकर किया जाने वाला आसन है. सबसे पहले दंडासन में बैठ जाए. अब बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के उपर से लाकर जमीन पर रखें. दाहिने पैर को बाएं हिप के निकट जमीन पर रखें अब बाएं पैर के ऊपर से दाहिने हाथ को लाएं और बाएं पैर के अंगूठे को पकड़े. इस आसन से फेफड़ो में ऑक्सीजन अच्छी तरह पहुंचती है.
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भुजंगासन
पेट के बल जमीन पर लेट जाएं, अपनी दोनों हथेलियां कंधे के बराबर जमीन पर रखें और कमर के नीचे के शरीर को जमीन पर रखें और छाती से ऊपर के शरीर को जमीन से ऊपर उठाते हुए पीछे की ओर ले जाएं. सामान्य मुद्रा मे वापस लौटे. यह मुद्रा से श्वसन संबंधी परेशानी दूर करने में मददगार साबित हो सकती हैं.
सेतुबंधासन
पीठ के बल लेट जाएं. अपने घुटनों को मोड़े और पैरों को जमीन पर फैलाकर रखें. हाथों को अपने शरीर के पास रखें और सांस अंदर खींचते हुए शरीर को जमीन से ऊपर उठाएं. इस आसन से छाती और फेफड़ों का रास्ता खुलने में मदद मिल सकती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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