Sciatica Pain relief : क्या आपके भी कमर के निचले हिस्से से लेकर पैरों तक ऐसा तेज दर्द उठता है कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है? अगर हां, तो यह साइटिका हो सकता है. साइटिका कोई मामूली दर्द नहीं है; यह तब होता है जब शरीर की सबसे बड़ी नस (साइटिक नर्व) दब जाती है या उसमें सूजन आ जाती है. अक्सर स्लिप डिस्क या हड्डियों की समस्या इसकी वजह बनती है. दर्द के साथ पैरों में सुन्नपन और कमजोरी महसूस होना इसके आम लक्षण हैं.
ज्यादातर मामलों में इसका कारण हर्नियेटेड डिस्क (स्लिप डिस्क) या हड्डियों में स्पर्स बनना होता है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मुताबिक, एक ऐसा योगासन है जो इस दर्द को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है. वह है धनुरासन (Bow Pose). तो चलिए जानते हैं यह आसन कैसे साइटिका में आपको राहत पहुंचाता है.
धनुरासन कैसे पहुंचाता है आराम? How does Dhanurasana (Bow Pose) provide relaxation?
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन या बो पोज का रोजाना अभ्यास करना साइटिका में कारगर होता है. मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि कई शारीरिक समस्याओं का रामबाण इलाज है. यह आसन खासतौर पर पीठ दर्द, साइटिका और स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं में राहत देता है. इसके नियमित अभ्यास से साइटिक नर्व पर दबाव कम होता है, रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है और दर्द में आराम मिलता है.
एक्सपर्ट के अनुसार, धनुरासन पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, अपच और गैस में भी बेहद फायदेमंद है, क्योंकि यह पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालकर अंगों को उत्तेजित करता है. धनुरासन के अन्य लाभ भी कम नहीं हैं. यह पीठ, कंधे और छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे पोस्चर सुधरता है और कमर दर्द से छुटकारा मिलता है.
पेट की मांसपेशियों को टोन करता है, जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है. फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है, सांस संबंधी समस्याओं जैसे अस्थमा में राहत देता है. तनाव और थकान दूर कर ऊर्जा स्तर बढ़ाता है. यही नहीं, यह महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता और दर्द को कम करने में मददगार है. कुल मिलाकर, यह पूरे शरीर की लचीलापन बढ़ाता है और पूरे शरीर की सेहत सुधारता है.
कैसे करें धनुरासन? How to do Dhanurasana?
धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेटें, पैरों की एड़ियों को हाथों से पकड़ें और छाती व जांघों को ऊपर उठाएं, शरीर को धनुष की तरह मोड़ें. शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रखें और धीरे-धीरे बढ़ाएं. लेकिन गर्भवती महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर या गंभीर पीठ समस्या वाले लोग डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही अभ्यास करें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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