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IIT Madras ने जारी किया दुनिया का डिटेल्ड 3D Human Brainstem Atlas, दिमाग की रिसर्च को मिल सकती है नई दिशा

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी-मद्रास (IIT-मद्रास) ने सेल रिजॉल्यूशन पर इंसानी ब्रेनस्टेम का एक डीटेल्ड 3D एटलस जारी किया है. जिसकी मदद से आने वाले समय में इंसानी दिमाग से जुड़े विज्ञान के नए और अहम क्षेत्रों में वर्ल्ड-क्लास नतीजे मिल सकते हैं.

IIT Madras ने जारी किया दुनिया का डिटेल्ड 3D Human Brainstem Atlas, दिमाग की रिसर्च को मिल सकती है नई दिशा
IIT Madras ने मानव ब्रेनस्टेम का दुनिया का सबसे डीटेल्ट 3D एटलस बनाया.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने बीते शुक्रवार को बताया कि उसने ANCHOR (Atlas of Neurochemical Characterisation of the Human Brainstem with 3D Reconstruction) जारी किया है. ये मानव ब्रेनस्टेम का दुनिया का सबसे डीटेल्ट 3D एटलस है.

IIT मद्रास के बयान के अनुसार, सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर ने अपने हाई-थ्रूपुट ब्रेन इमेजिंग और कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म की मदद से ANCHOR को डेवलेप किया है. ये प्लेटफॉर्म पूरे मनुष्य के दिमाग को 3D सेल-रिजॉल्यूशन एटलस में बदल देता है.

ANCHOR में अब तक के सबसे विस्तृत ( सब कुछ पाए जाने वाले) मल्टीमॉडल और 3D मानव ब्रेनस्टेम मैप और एटलस शामिल हैं, जो जन्म से पहले की कंडीशन से लेकर बचपन और अडल्ट ब्रेन को कवर कर लेता है.

रिसर्चर्स ने ANCHOR को एक वेबसाइट की मदद से पब्लिकली उपलब्ध कराया है, ताकि इस रिसर्च का फायदा दुनिया भर के रिसर्चर्स, डॉक्टर और मरीजों तक पहुंच सके.

जारी बयान में ये भी कहा गया कि पब्लिकली रूप से उपलब्ध इस एटलस में 200 से ज्यादा ब्रेनस्टेम न्यूक्लियाई और फाइबर ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सैकड़ों सीरियस सेक्शन की मदद से रिकंस्ट्रक्ट किया गया है. इसमें 500 से ज्यादा सेक्शनों पर आठ कॉपलीमेंट्री इम्यूनोस्टेन टैक्नीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से डीटेल्ड मैपिंग पॉसिबल हो पाई है.

Photo Credit: NDTV

ANCHOR को 5 से 7 जून 2026 के बीच IIT मद्रास परिसर में आयोजित तीसरे BRICS न्यूरोसाइंस संगोष्ठी में रिलीज किया गया था.

SGBC का उद्देश्य जीवन के अलग-अलग स्पैन और बीमारियों के दौरान ह्यूमन ब्रेन के सेल-रिजॉल्यूशन मैप का सबसे व्यापक संग्रह तैयार करना है. केंद्र का उद्देश्य ह्यूमन लाइफस्पैन और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से जुड़े 100 से ज्यादा पूरे दिमाग को इमेजिंग करना है.

उनके द्वारा दी गई स्टेटमेंट में कहा गया है कि यह केंद्र एक वैश्विक तौर पर एक ऐसी टीम बन चुका है, जिसमें 200 से ज्यादा रिसर्चर्स, इंजीनियर और टैक्नीशियन शामिल हैं, जो अलग-अलग देशों के 20 कोलेबरेटर के साथ काम कर रहा है.

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा

“यह न्यूरोबायोलॉजी के क्षेत्र में एक बेहद ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह एक मल्टीमॉडल फ्रेमवर्क है, जो MRI, हिस्टोलॉजी और डीटेल्ड कीमो-आर्किटेक्चर संरचना को एक साथ जोड़ता है.”
प्रोफेसर अजय कुमार सूद
 
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार

उन्होंने कहा कि ये मैप  ब्रेन स्टेम में चोट से प्रभावित खास सेल ग्रुप्स की पहचान करने में मदद करेंगे, जो क्लिनिकल इस्तेमाल के लिए बहुत जरूरी हो सकते हैं.

सूद ने कहा, "यह सेंटर इस बात का एक अनोखा उदाहरण है कि कैसे एक सरकारी एजेंसी के जोखिम उठाने से बड़े स्तर पर वैज्ञानिक काम करने के लिए एक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म तैयार हुआ, और फिर प्राइवेट और लोगों की मदद से उसे और बड़ा किया गया ताकि इंसानी दिमाग से जुड़े विज्ञान के नए और अहम क्षेत्रों में वर्ल्ड-क्लास नतीजे मिल सकें."

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