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टब में नहाना या शॉवर लेना? जापानी स्टडी में दोनों के बीच दिखा दिलचस्प फर्क

नतीजों में एक दिलचस्प बात सामने आई कि गर्म पानी के टब में बैठकर नहाने वाले लोगों ने खुद को कम तनावग्रस्त, कम थका हुआ और मानसिक रूप से बेहतर महसूस किया, जबकि सिर्फ शॉवर लेने वालों में ये बदलाव ज्यादा नहीं दिखाई दिया.

टब में नहाना या शॉवर लेना? जापानी स्टडी में दोनों के बीच दिखा दिलचस्प फर्क
नहाने का कौन-सा तरीका है बेहतर? टब में नहाना या शॉवर लेना? Image ( Unspalsh)

नहाना हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. कुछ लोग जल्दी-जल्दी शॉवर लेकर तैयार हो जाते हैं, जबकि कुछ लोग आराम से गर्म पानी में बैठकर नहाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या इन दोनों तरीकों का शरीर और दिमाग पर एक जैसा असर पड़ता है? जापान में हुई एक स्टडी ने इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है. रिसर्चर्स ने कई हफ्तों तक लोगों की नहाने की आदतों और उनके अनुभवों को स्टडी किया. नतीजों में एक दिलचस्प बात सामने आई कि गर्म पानी के टब में बैठकर नहाने वाले लोगों ने खुद को कम तनावग्रस्त, कम थका हुआ और मानसिक रूप से बेहतर महसूस किया, जबकि सिर्फ शॉवर लेने वालों में ये बदलाव ज्यादा नहीं दिखाई दिया.

तनाव और थकान में दिखा फर्क

यह स्टडी Japan Health & Research Institute, Tokyo City University और Jichi Medical University के रिसर्चर्स ने की थी. इसमें 38 वयस्कों को शामिल किया गया. कुछ समय तक प्रतिभागियों ने रोज करीब 40 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी में 10 मिनट तक बैठकर स्नान किया, जबकि दूसरे चरण में उन्होंने केवल शॉवर लिया. इसके बाद दोनों अनुभवों की तुलना की गई.

स्टडी में शामिल लोगों से नियमित रूप से उनकी थकान, तनाव, दर्द और ओवरऑल हेल्थ के बारे में पूछा गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्म पानी में बैठकर नहाने वाले लोगों ने तनाव और थकान में ज्यादा राहत महसूस की. कई लोगों ने खुद को ज्यादा रिलैक्स और तरोताजा महसूस करने की बात भी कही.

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Photo Credit: NDTV

मेंटल हेल्थ पर भी दिखा असर

टब में बैठकर नहाने वाले लोगों में मेंटल हेल्थ से जुड़े स्कोर भी बेहतर पाए गए. स्टडी में तनाव, एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन और उदासी जैसे पहलुओं का भी आकलन किया गया था. नतीजों में इन मामलों में भी टब में नहाने वालों के स्कोर बेहतर रहे. रिसर्चर्स का कहना है कि जब शरीर कुछ देर तक गर्म पानी में डूबा रहता है, तो शरीर का तापमान बढ़ता है और ब्लड फ्लो में सुधार हो सकता है. इससे मांसपेशियों को रिलैक्स होने, शरीर को गर्माहट मिलने और तनाव कम महसूस होने में मदद मिल सकती है.

इसका मतलब यह कतई नहीं है कि शॉवर लेना गलत या नुकसानदेह होता है. स्टडी में शॉवर लेने वाले लोगों ने भी खुद को पहले से बेहतर महसूस किया. हालांकि जिन लोगों ने गर्म पानी में बैठकर स्नान किया, उनमें सुधार थोड़ा ज्यादा देखा गया.

रिसर्चर्स ने यह भी माना है कि स्टडी का आकार छोटा था और इसमें शामिल सभी लोग जापान के थे. इसलिए इन नतीजों को हर व्यक्ति पर एक जैसा लागू नहीं माना जा सकता. फिर भी स्टडी यह संकेत जरूर देती है कि अगर समय और सुविधा हो, तो कभी-कभी गर्म पानी में कुछ मिनट बैठकर नहाना शरीर और मन दोनों को आराम पहुंचा सकता है.

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