रेबीज एक ऐसी बीमारी है जो जानवरों खासकर कुत्तों और उनके जैसे कई दूसरों के काटने के बाद होता है. अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो ये बीमारी जानलेवा साबित होती है. इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि रेबीज फैलाने वाले जानवरों के काटने के बाद टीका तुरंत लगवाएं और सही तरीके से जांच करें. अब मन में सवाल उठता है कि बंदर और कुत्ते के काटने पर तो तुरंत रेबीज का इंजेक्शन लगाने की बात होती है. लेकिन अगर चूहा काट ले तो क्या करना चाहिए?
चूहे के काटने पर पर रेबीज का इंजेक्शन लगाना चाहिए? क्या इस तरह की कंडीशन में रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है? इसको लेकर के लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां रहती हैं. इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है. क्योंकि जरा सी लापरवाही भी जान को खतरे में डाल सकती है. आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट.
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डॉ. पूनम संभाजी एक कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन हैं. इसके साथ ही वो डेली टू डेली लाइफ से जुड़े मरीजों के सवालों का जवाब भी देती हैं. उन्होंने अपने एक वीडियों में इस सवाल का जवाब दिया है.
चूहे के काटने से रेबीज होता है?
डॉ पूनम ने बताया कि चूहे के काटने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. जैसे रैट बाइट, फीवर, बुखार, लाल दाने आना, जोड़ों में दर्द होना या फिर जख्म में गहरा इंफेक्शन होना. कभी-कभी लैप्टोपायरिसिस भी हो सकता है जिसमें पीलिया, किडनी की तकलीफ भी हो सकती है.
डॉ पूनम के अनुसार आस-पास और मार्केट में घूमने वाले और घरों में घूमने वाले चूहों के काटने से रेबीज का खतरा नहीं होता है. इसीलिए चूहे के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन देना जरूरी नही है.
चूहे के काटने पर क्या करें
- जख्म को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह से 15 मिनट के लिए धोएं और कोई भी एंटीसेप्टिक लगाएं.
- कसकर पट्टी ना बांधे हल्की पट्टी बांधे.
- डॉक्टर को दिखाएं और टिटनेस का इंजेक्शन लगवाएं.
- अगर घाव गहरा है या इंफेक्शन का खतरा ज्यादा है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा भी दे सकते हैं.
यह लेख डॉ. पूनम संभाजी के वीडियो से ली गई जानकारी पर आधारितर है. डॉ. पूनम संभाजी चाइल्ड हेल्थ में डिप्लोमा, MBBS किया है और बतौर पीडियाट्रिशियन लगभग 19 सालों से ज्यादा अपना क्लीनिक चला रही हैं.
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