NEET EWS Quota 2026: मेडिकल (MBBS या BDS) की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए नीट परीक्षा सबसे जरूरी होती है. इसी परीक्षा में पास होने के बाद सरकारी कॉलेजों में एडमिशन मिलता है. दाखिले के समय EWS (Economically Weaker Section) कोटे का बहुत बड़ा रोल होता है. लेकिन, EWS कोटे का फायदा उठाने के लिए परिवार की सालाना कमाई कितनी होनी चाहिए, ये सबसे बड़ा सवाल होता है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा मामला चल रहा है. मंगलवार, 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख रुपए सालाना आय की लिमिट को लेकर एक अहम बात कही है. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है, अभी क्या नियम लागू है और कितनी सीटें इस कैटेगरी के लिए रिजर्व होती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की लिमिट पर क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट में साल 2021 से एक केस चल रहा है. मामला यह है कि क्या EWS कोटे के तहत आरक्षण पाने के लिए परिवार की सालाना कमाई 8 लाख रुपये या उससे कम होना सही नियम है. मंगलवार को जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पहली नज़र में EWS कोटे के लिए 8 लाख रुपये सालाना आय की लिमिट सही और उचित लगती है. हालांकि, यह अभी कोई अंतिम फैसला नहीं है. कोर्ट इस मामले पर आगे भी सुनवाई जारी रखेगा और फिर फाइनल डिसीजन लेगा.
विवाद कहां से शुरू हुआ
साल 2021 में सरकार ने NEET के ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में OBC के लिए 27% और EWS के लिए 10% आरक्षण लागू किया था. इसे ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. पहले कोर्ट ने 8 लाख की लिमिट को 'मनमाना' कहा था, जिसके बाद सरकार ने 'पांडे कमीशन' बनाया. इस कमीशन ने भी कहा कि 8 लाख की लिमिट ठीक है, लेकिन जिनके पास 5 एकड़ या उससे ज्यादा खेती की जमीन है, उन्हें इस कोटे से बाहर रखा जाना चाहिए.
NEET में EWS कोटे का नियम अभी क्या है
जब तक सुप्रीम कोर्ट का कोई नया और फाइनल आदेश नहीं आ जाता है, तब तक मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए यही पुराने नियम लागू रहेंगे. EWS के 10% आरक्षण का फायदा सिर्फ उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जो कुछ शर्तों को पूरा करते हैं. अगर इनमें से कोई भी एक चीज आपके परिवार के पास है यानी एक भी शर्त पूरी नहीं करते हैं, तो आप EWS कोटे के हकदार नहीं होंगे.
ये शर्तें क्या हैं
- छात्र के परिवार की कुल सालाना कमाई 8 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- परिवार के पास 5 एकड़ या उससे ज़्यादा खेती की ज़मीन नहीं होनी चाहिए.
- परिवार के पास 1000 वर्ग फुट (sq ft) या उससे बड़ा रेसिडेंशियल फ्लैट नहीं होना चाहिए.
- नगर पालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज (sq yard) या उससे बड़ा प्लॉट या नगर पालिका के बाहर 200 वर्ग गज का प्लॉट नहीं होना चाहिए.
NEET 2026: कितनी सीटें किस कोटे में रिजर्व हैं
- OBC (नॉन-क्रीमी लेयर)- 27%
- SC (अनुसूचित जाति)- 15%
- ST (अनुसूचित जनजाति)- 7.5%
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)- 10%
- PwBD (दिव्यांगजन)- 5%
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