आजकल इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेहत को लेकर कई नए ट्रेंड्स देखने को मिल रहे हैं. प्रोटीन वाली डाइट, तरह-तरह के सप्लीमेंट्स, ठंडे पानी से नहाना (Cold Showers) और अजीबोगरीब वर्कआउट रूटीन से लेकर अब लोग अपनी फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता को सुधारने के पीछे भाग रहे हैं. इंटरनेट पर इस नए ट्रेंड को 'फर्टिलिटीमैक्सिंग' (Fertilitymaxxing) का नाम दिया गया है.
इस ट्रेंड में खासकर पुरुषों को ऐसे लाइफस्टाइल बदलाव और ऑनलाइन हैक्स अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे स्पर्म काउंट, टेस्टोस्टेरोन और ओवरऑल रिप्रोडक्टिव हेल्थ बेहतर हो सके. अपनी सेहत और फर्टिलिटी पर ध्यान देना बहुत अच्छी बात है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर वायरल हैक के पीछे कोई मेडिकल साइंस नहीं होता. बिना सोचे-समझे सप्लीमेंट्स या हार्मोन्स लेना फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा सकता है.
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आखिर क्या है यह 'Fertilitymaxxing' ट्रेंड?
फर्टिलिटीमैक्सिंग का सीधा मतलब है खानपान, सप्लीमेंट्स, एक्सरसाइज और डेली रूटीन में बदलाव करके अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ को ज्यादा से ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश करना. लोग ऑनलाइन वीडियो देखकर खुद ही अपने लिए सप्लीमेंट्स का कॉकटेल तैयार कर रहे हैं और टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के दावे कर रहे हैं.
फोर्टिस ला फेम (GK II), नई दिल्ली में इंटरनल मेडिसिन कंसलटेंट डॉ. शर्वरी दाभाड़े के मुताबिक, फर्टिलिटी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे किसी एक नुस्खे से ठीक किया जा सके.
डॉ. दाभाड़े बताती हैं, "प्रजनन क्षमता हमारे पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स के संतुलन से सीधे जुड़ी होती है. सही वजन बनाए रखना, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, शराब-सिगरेट से दूरी और पोषण से भरपूर संतुलित खाना ही महिला और पुरुष दोनों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बेहतर बना सकता है."

क्या लाइफस्टाइल बदलकर तुरंत फर्टिलिटी बढ़ाई जा सकती है?
अच्छी आदतें शरीर को फायदा जरूर पहुंचाती हैं, लेकिन फर्टिलिटी को रातोंरात किसी चेकलिस्ट या जादुई नुस्खे से 'हैक' नहीं किया जा सकता.
डॉक्टर के अनुसार, किसी इंसान की फर्टिलिटी उसकी उम्र, जेनेटिक्स, हार्मोन्स, मेटाबॉलिक हेल्थ और पुरानी मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करती है. इसका मतलब यह हुआ कि जो रूटीन किसी एक इंसान के लिए काम कर रहा है, जरूरी नहीं कि वह दूसरे पर भी वही असर दिखाए, खासकर तब जब अंदरूनी तौर पर कोई मेडिकल समस्या हो.
सप्लीमेंट्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से बढ़ता खतरा?
इस ट्रेंड में सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग बिना डॉक्टर से पूछे विटामिन, मिनरल्स और हर्बल सप्लीमेंट्स का ढेर (Supplement Stacking) एक साथ खाने लगते हैं.
- लोग यह मान लेते हैं कि अगर कोई चीज 'नेचुरल' या 'हर्बल' है, तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा, जबकि यह सोच बिल्कुल गलत है.
- बिना डोज समझे अलग-अलग सप्लीमेंट्स को एक साथ लेने से लिवर और किडनी पर दबाव पड़ता है.
- कई अनवेरिफाइड डिटॉक्स और अत्यधिक ठंडे या गर्म तापमान वाले नुस्खों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता.
पुरुषों के लिए टेस्टोस्टेरोन का खुद से सेवन क्यों है खतरनाक
इंटरनेट पर यह भ्रम बहुत तेजी से फैलाया जा रहा है कि टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ते ही फर्टिलिटी अपने आप बढ़ जाएगी. हकीकत में टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म बनने की प्रक्रिया इतनी सीधी नहीं है.
डॉ. शर्वरी दाभाड़े चेतावनी देते हुए कहती हैं, "बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से टेस्टोस्टेरोन या हार्मोन वाले सप्लीमेंट्स लेना बेहद नुकसानदेह हो सकता है. बाहर से टेस्टोस्टेरोन लेने पर शरीर का अपना नेचुरल हार्मोन सिग्नल सिस्टम बंद हो जाता है. इससे स्पर्म का बनना बहुत कम हो सकता है, कामेच्छा (Libido) घट सकती है और लंबे समय में पुरुष हमेशा के लिए इनफर्टिलिटी (बांझपन) का शिकार हो सकते हैं."
महिलाओं पर इस ट्रेंड का क्या असर पड़ता है?
भले ही सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड पुरुषों के स्पर्म काउंट के इर्द-गिर्द ज्यादा घूमता दिखे, लेकिन महिलाएं भी इसके दबाव में आ रही हैं.
फर्टिलिटी को एक 'परफेक्ट प्रोजेक्ट' बनाने के चक्कर में कई महिलाएं बहुत ज्यादा सख्त डाइट फॉलो करने लगती हैं या जरूरत से ज्यादा कसरत करती हैं. इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) रुक सकती है.
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फर्टिलिटी सुधारने का सही और सुरक्षित तरीका क्या है?
इंटरनेट के भ्रामक हैक्स के पीछे भागने के बजाय कुछ बुनियादी आदतों पर ध्यान देना सबसे कारगर होता है:
- संतुलित खानपान: ताजे फल, सब्जियां, दालें, सूखे मेवे और साबुत अनाज को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं.
- वजन और नींद पर ध्यान: शरीर का वजन कंट्रोल में रखें और रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की सुकून भरी नींद लें.
- नशे से पूरी तरह तौबा: सिगरेट, शराब और तंबाकू सीधे तौर पर स्पर्म और एग्स की क्वालिटी को नुकसान पहुंचाते हैं.
- डॉक्टरी जांच: अगर लंबे समय से कंसीव करने में दिक्कत आ रही है, तो घरेलू टोटकों के बजाय फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलकर बुनियादी ब्लड टेस्ट और हार्मोनल प्रोफाइल चेक करवाएं.
एक्सपर्ट की राय
फर्टिलिटीमैक्सिंग ट्रेंड ने लोगों को अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के प्रति जागरूक जरूर किया है, लेकिन इंटरनेट के नुस्खे किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकते. खुद से दवाएं या हार्मोन्स लेना आपके शरीर को गंभीर बीमारी की ओर धकेल सकता है. इसलिए किसी भी एक्सट्रीम ट्रेंड को फॉलो करने से बचें और हमेशा सर्टिफाइड डॉक्टर की सलाह पर ही भरोसा करें.
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