अगर आपने सोशल मीडिया या इंटरनेट पर "घर बैठे IVF" का दावा देखा है, तो थोड़ा रुककर पूरी बात जान लेना जरूरी है. कई जगह ऐसे दावे किए जाते हैं कि अब बिना बार बार क्लिनिक जाए, पूरा IVF घर पर किया जा सकता है. लेकिन सच इससे काफी अलग है. कुछ तैयारी और दवाओं से जुड़े हिस्से जरूर घर से मैनेज किए जा सकते हैं, लेकिन IVF की सबसे अहम प्रोसेस आज भी अस्पताल या फर्टिलिटी क्लिनिक में ही होती हैं. ऐसे में किसी भी ऑनलाइन दावे पर भरोसा करने से पहले यह समझना जरूरी है कि वास्तव में घर पर क्या संभव है और क्या बिल्कुल नहीं.
डॉक्टर मोनिका गुप्ता, सेंटर हेड, कैलाश IVF, नोएडा का कहना है कि IVF (In Vitro Fertilization) एक मेडिकल प्रोसेस है, जिसमें कई अलग अलग स्टेप होते हैं. इनमें से कुछ काम मरीज घर से कर सकता है, लेकिन अंडाणु (egg) निकालना, लैब में फर्टिलाइजेशन करना और भ्रूण (Embryo) को गर्भाशय (Uterus) में ट्रांसफर करना जैसी सबसे जरूरी प्रोसेस सिर्फ मेडिकल सेंटर में ही होती हैं.
घर से कौन से काम किए जा सकते हैं?
अगर डॉक्टर सलाह दें, तो कुछ हिस्से घर से मैनेज किए जा सकते हैं. जैसे तय समय पर इंजेक्शन लेना, दवाएं लेना, ओव्यूलेशन पर नजर रखना और कुछ मामलों में टेलीमेडिसिन के जरिए डॉक्टर से फॉलोअप करना. इससे अस्पताल के चक्कर कम हो सकते हैं, लेकिन इलाज डॉक्टर की निगरानी में ही चलता है.
आज बाजार में कई तरह के फर्टिलिटी किट मौजूद हैं. इनमें ओव्यूलेशन ट्रैक करने वाले डिवाइस, दवा लेने में मदद करने वाले सिस्टम और कुछ होम इनसेमिनेशन किट शामिल हैं. हालांकि ये किट IVF का विकल्प नहीं हैं और इनका इस्तेमाल भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए.
क्यों जरूरी है डॉक्टर की निगरानी?
IVF के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. दवाओं की सही मात्रा, सही समय और शरीर की रिएक्शन की लगातार मॉनिटरिंग जरूरी होती है. अगर तेज दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग, बुखार या दूसरी परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
घर से होने वाली कुछ प्रोसेस की वजह से अस्पताल आने जाने का खर्च और समय जरूर बच सकता है. लेकिन पूरा IVF घर पर करने का कोई सुरक्षित या मान्य तरीका फिलहाल मौजूद नहीं है. इसलिए सिर्फ कम खर्च के लालच में किसी भी ऑनलाइन दावे या बिना मेडिकल सलाह वाले किट पर भरोसा करना नुकसान पहुंचा सकता है.
कैलाश IVF, नोएडा की सेंटर हेड (IVF) डॉ. मोनिका गुप्ता हैं. उन्होंने MBBS और MS (प्रसूति एवं स्त्री रोग) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, वे फर्टिलिटी और रिप्रोडक्शन में फेलोशिप भी कर चुकी हैं. इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट, IUI, IVF, एम्ब्रियो ट्रांसफर और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में उन्हें व्यापक विशेषज्ञता प्राप्त है.
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