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बारिश में भीगे जूते पहनना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताई बड़ी वजह

मानसून में गीले जूते पहनना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. क्योंकि लंबे समय तक नमी रहने से फंगल इन्फेक्शन, छाले, नाखूनों का इंफेक्शन और ट्रेंच फुट जैसी गंभीर समस्या हो सकती है.

बारिश में भीगे जूते पहनना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताई बड़ी वजह
बारिश में भीगे जूते पहनना कितना खतरनाक?
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Wet Shoes In Monsoon: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लेकर आता है, लेकिन कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी बढ़ा देता है. इनमें सबसे आम है देर तक भीगे जूते और मोजे पहनकर रहना. ऑफिस, स्कूल या रोज के काम में बिजी होने के बाद लोग अक्सर गीले जूते बदलने की जहमत नहीं उठाते. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये आदत पैरों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. लंबे समय तक नमी में रहने से फंगल इन्फेक्शन, छाले, नाखूनों का इंफेक्शन और यहां तक कि ट्रेंच फुट जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है. इसलिए मानसून में गीले जूते पहनने से बचना बहुत जरूरी है.

बारिश में भीगे जूते क्यों बन जाते हैं परेशानी की वजह?

बारिश में जब जूते और मोजे भीग जाते हैं तो पैरों की स्किन लगातार गीली रहती है. इससे स्किन नॉर्मल से ज्यादा नर्म हो जाती है और उसकी बाहरी लेयर कमजोर पड़ने लगती है. ऐसे में जूते और मोजों की हल्की सी रगड़ भी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है. यही कारण है कि बारिश के दिनों में पैरों में छाले पड़ने की शिकायत तेजी से बढ़ जाती है. इसके साथ ही गीले जूतों के अंदर नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपना आसान होता है.

फंगल इन्फेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा-

फुट केयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक मानसून में गीले जूते पहने रहने से पैरों का फंगल इन्फेक्शन सबसे आम समस्या है. इसे एथलीट्स फुट भी कहा जाता है. शुरुआत में पैरों की उंगलियों के बीच खुजली, रेडनेस और जलन महसूस होती है. धीरे धीरे स्किन सफेद होकर निकलने लगती है और पैरों से बदबू आने लगती है. अगर इस इंफेक्शन का समय पर इलाज न किया जाए तो ये पूरे पैर में फैल सकता है और बाद में नाखूनों तक भी पहुंच जाता है.

नाखूनों पर भी पड़ता है असर-

लगातार गीले जूते पहनने का असर सिर्फ स्किन तक सीमित नहीं रहता. नमी में रहने की वजह से फंगल इंफेक्शन नाखूनों तक पहुंच सकता है. इसके बाद नाखूनों का रंग पीला या भूरा पड़ने लगता है. वो मोटे हो जाते हैं और कई बार टूटने भी लगते हैं.

ट्रेंच फुट के आसार-

एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर पैर कई घंटों तक लगातार गीले और ठंडे माहौल में रहें तो ट्रेंच फुट या इमर्शन फुट जैसी गंभीर स्थिति भी बन सकती है. इस समस्या में पैरों में नंबनेस, स्वेलिंग, दर्द और छाले पड़ने लगते हैं. कई बार स्किन का रंग भी बदल जाता है. अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाए तो वेन्स और टिशूज को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है.

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