हाई AQI का मतलब है पर्यावरण में मौजूद हवा की गुणवत्ता में कमी, मतलब हवा में मौजूद प्रदूषकों का स्तर बढ़ने से पर्यावरण में मौजूद वायु खराब हो जाती है. खराब वायु का मुख्य कारण वाहनों का धुंआ, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल-मिट्टी और हवा की कम गति व पर्यावरण के तापमान में बदलाव के कारण होता है. खराब वायु में मौजूद खतरनाक गैस जैसे ओजोन, कार्बन, मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड कई खतरनाक बीमारियों के होने का कारण बन सकती है. इस आर्टिकल में जानेंगे की कैसे आप इन खतरनाक गैस से होने वाली बीमारियों के लक्षण से बच सकते हैं क्या है बचाव के तरीके.
खराब वायु के कारण होने वाली समस्या-
खराब वायु और हाई AQI आपके जीवनशैली पर बुरा असर करके हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों को ट्रिगर कर सकती हैं.
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1.पर्यावरण में मौजूद प्रदूषित हवा अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसिज जैसी खतरनाक बीमारियों को बढ़ावा दे सकती है, जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में प्राब्लम हो सकती है.
2. लंबे समय तक पर्यावरण में मौजूद प्रदूषित हवा फेफड़ों के लिए खतरा बढ़ा सकती है.
3. प्रदूषित हवा के कारण आपको सर्दी-जुकाम, खांसी और आंखों में खुजली होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है.
4. प्रदूषित हवा में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण सांस लेने में दिक्कत होने के साथ-साथ, थकान व चक्कर आने जैसी भी समस्या हो सकती है.
प्रदूषित हवा से होने वाली समस्या से कैसे बचें-
1. पर्यावरण में मौजूद दूषित हवा के असर से बचने के लिए नियमित रूप से मास्क का इस्तेमाल करें, मास्क का इस्तेमाल आपको खतरनाक बीमारियों के संक्रमण से काफी हद तक बचाकर रखने में सक्षम है.
2. बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए समय-समय पर हाथ धोएं, खासकर कही बाहर से घर में आने के बाद और अपने साथ में हमेशा हैंड-सेनेटाइजर जरूर रखें.
3. संक्रमण से बचने के लिए शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होना बहुत जरूरी है इसलिए संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है. अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां व विटामिन से भरपूर चीजों को जरूर शामिल करें.
4. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए अपनी जीवनशैली में व्यायाम को जरूर शामिल करें, नियमित व्यायाम आपको स्वस्थ रखने में सहायता करेगा.
प्रस्तुति- Bobby Raj
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