- KGMU में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर डॉक्टर रमीज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
- विशाखा कमेटी की जांच में डॉक्टर रमीज को दोषी पाया गया और उस पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.
- आरोपी ने पीड़िता से शादी छुपाई और यौन उत्पीड़न अधिनियम के नियमों का उल्लंघन किया है.
लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर रमीज को गिरफ्तार कर लिया है. लखनऊ पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम रखा था और कुर्की के लिए कई उसके घर पर नोटिस भी चस्पा किया था. विशाखा कमेटी की जांच में रमीज को दोषी माना गया था.

आपको बता दें कि धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में विश्वविद्यालय की विशाखा कमेटी ने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज़ को दोषी करार दिया था. कमेटी ने अपनी जांच में पाया था कि आरोपी ने शादी की बात छुपाई, पीड़िता का मानसिक उत्पीड़न किया और यौन उत्पीड़न अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया.
विशाखा कमेटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका ने बताया था कि जुलाई 2025 से दोनों के बीच संबंध थे, जिसे आरोपी ने भी स्वीकार किया. जांच में सामने आया कि रिश्ता निजी अपार्टमेंट तक सीमित था और पीड़िता को सितंबर 2025 में पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है.
अभी तक इस मामले में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पीड़िता जून 2025 में मास्टर्स कोर्स के लिए KGMU आई थी. इसी दौरान उसकी आरोपी से दोस्ती हुई, जो बाद में शादी की बातचीत तक पहुंची. पीड़िता के पिता का आरोप है कि बेटी ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया, जिसके बाद उस पर दबाव बढ़ता गया। इसी मानसिक तनाव में पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास भी किया. यह मामला अब विश्वविद्यालयी अनुशासन, महिला सुरक्षा और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर गंभीर बहस का कारण बन गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं