सुबह अलार्म बजते ही क्या आपका मन करता है कि बस रजाई तानकर पड़े रहें. रात को आप पूरे सात आठ घंटे सोए थे, फिर भी बिस्तर छोड़ते ही बदन टूटा हुआ सा लगता है. दिनभर ऑफिस या घर के कामकाज में चिड़चिड़ापन, सुस्ती और भारीपन बना रहता है.
हम में से ज्यादातर लोग सोचते हैं कि शायद काम का बोझ ज्यादा है या नींद ठीक से पूरी नहीं हुई. चाय या कॉफी का दूसरा कप पीते हैं और काम में लग जाते हैं. लेकिन अगर यह रोज की कहानी बन चुकी है, तो थोड़ा रुकिए. हर बार थकान की वजह सिर्फ अधूरी नींद नहीं होती.
कई बार हमारा शरीर अंदर से चिल्ला रहा होता है कि उसे जरूरी पोषण नहीं मिल रहा है. आज के दौर में खानपान की खराब आदतों और बंद कमरों की जिंदगी के चलते शरीर में कुछ खास विटामिन्स की कमी होना बहुत आम हो चुका है.
थकान का कनेक्शन सिर्फ नींद से क्यों नहीं?
जब हम सोते हैं तो शरीर रिपेयर मोड में होता है. लेकिन नींद सिर्फ आराम देती है, एनर्जी बनाने का कच्चा माल नहीं. हमारे शरीर के सेल्स (कोशिकाओं) को सही से काम करने के लिए खून, ऑक्सीजन और खास विटामिन्स की जरूरत पड़ती है. अगर शरीर में इनकी कमी हो जाए, तो आप चाहे 10 घंटे भी सो लें, आंख खुलते ही वही पुराना आलस और कमजोरी महसूस होगी.
वो कौन से पोषक तत्व हैं जिनकी कमी से दिनभर सुस्ती छाई रहती है?
विटामिन डी (Vitamin D)
भारत दुनिया के नक्शे पर ऐसी जगह आता है कि इसे पूरी धूप मिलती है. फिर भी यहां ज्यादातर लोगों में विटामिन डी की कमी है. इसकी वजह है कि ज्यादातर वक्त हम छत के नीचे या एसी कमरों में बीतता है. सुबह धूप निकलने से पहले दफ्तर या कॉलेज जाना और शाम ढले घर लौटना. नतीजा यह कि शरीर को धूप मिल ही नहीं पाती.
अगर आपको लगता है कि विटामिन डी का काम सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखना है तो आपको यह बता दें कि इम्युनिटी बढ़ाने में भी यह मददगार है. इसकी कमी होने पर पिंडलियों में दर्द, पीठ में मीठा मीठा खिंचाव और बिना कोई भारी काम किए ही शरीर निढाल रहने लगता है. कई बार तो लोग इसे डिप्रेशन या काम से जी चुराना समझ बैठते हैं, जबकि असली वजह सिर्फ धूप की कमी होती है. Also Read : रात को सोने से पहले खाएं यह 1 चीज, मिलेंगे हैरान करने वाले लाभ, बस 21 दिन लगातार अपनाएं यह उपाय
विटामिन बी12
अगर आप एनडीटीवी के पाठक हैं तो आपके लिए यह नई बात नहीं होगी कि शाकाहारी लोगों में अक्सर विटामिन बी12 की कमी का खतरा बढ़ जाता है. विटामिन बी 12 हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) और नसों के ठीक से काम करने के लिए जिम्मेदार है.
विटामिन बी12 ऑक्सीजन की कमी
जब बी12 कम होता है, तो शरीर में खून की कमी जैसी हालत हो जाती है. लाल रक्त कोशिकाएं ऑक्सीजन को सही तरह से दिमाग और मांसपेशियों तक नहीं पहुंचा पातीं.
विटामिन बी12 की कमी के लक्षणों में हाथ पैरों में झनझनाहट होना, सुई जैसी चुभन, बात बात पर सांस फूलना और छोटी छोटी बातें भूलना शामिल है. आप सोकर उठेंगे तब भी दिमाग पर धुंध जैसी छाई रहेगी और पूरा दिन भारी गुजरेगा.
आयरन (Iron) की कमी
भारत में ज्यादातर लोगों में खासकर महिलाओं में खून की कमी या आयरन की कमी होती है, जो सीधे एनीमिया का खतरा पैदा करती है. खासकर महिलाओं में मासिक धर्म की वजह से यह परेशानी काफी ज्यादा देखी जाती है.
आयरन (Iron) की कमी से क्या नुकसान हो सकता है -
आयरन का काम फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर पूरे बदन में सप्लाई करना है. जब आयरन कम होता है, तो दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ते ही दिल की धड़कन तेज हो जाती है, चेहरा पीला पड़ने लगता है और हर वक्त बस लेटे रहने का मन करता है. Also Read: रात में दालचीनी का पानी पीने से क्या होता है?
मैग्नीशियम (Magnesium)
यह एक ऐसा मिनरल है जिस पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं. मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने और तनाव कम करने में मदद करता है.
जब मैग्नीशियम घट जाता है, तो नींद गहरी नहीं आती. रातभर करवटें बदलने की वजह से मांसपेशियां अकड़ी रहती हैं और सुबह उठते ही शरीर में ऐंठन या जकड़न महसूस होती है.
क्या आपकी थकान में ये लक्षण भी शामिल हैं?
अगर सिर्फ नींद कम होती तो एक दिन ज्यादा सोने से सब ठीक हो जाता. लेकिन अगर विटामिन की कमी है, तो आपको ये संकेत भी दिखेंगे:
- दोपहर होते होते आंखें भारी होना और सिर में दर्द उठना.
- सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस उखड़ना या चक्कर जैसा महसूस होना.
- बाल तेजी से झड़ना और नाखूनों का कमजोर होकर टूटना.
- पैरों के तलवों या हथेलियों में अचानक सुन्नपन आ जाना.
- बिना किसी बड़ी बात के मूड अचानक खराब हो जाना या घबराहट होना.
इस समस्या से बाहर निकलने के आसान तरीके
पहला काम तो यह करें कि खुद से कोई भी मल्टीविटामिन गोलियां खाना शुरू न करें. सबसे पहले डॉक्टर के पास जाएं और एक बेसिक ब्लड टेस्ट कराएं, जिसमें सीबीसी, विटामिन डी3, और विटामिन बी12 की जांच हो.
इसके अलावा रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव बहुत काम आते हैं:
धूप का नियम बनाएं यह बहुत काम का हो सकता है. सुबह की गुनगुनी धूप में 15 से 20 मिनट जरूर बैठें. हाथ और पैरों पर थोड़ी धूप सीधे लगनी चाहिए.
खाने की थाली बदलें
क्या खाने से दूर होगी विटामिन की कमी
- अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, भुने चने, बादाम और अखरोट शामिल करें.
- शाकाहारी लोगों के लिए दूध, दही, पनीर और छाछ विटामिन बी12 और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं.
- बिस्कुट, चिप्स और पैकेट वाली चीजों से पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर को असली पोषण नहीं मिलता. इनकी जगह ताजे फल खाएं.
- कई बार शरीर में पानी की कमी भी थकान का बड़ा कारण बनती है. दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी जरूर पिएं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या सिर्फ मल्टीविटामिन खाने से थकान खत्म हो जाएगी?
नहीं, गोलियां सिर्फ उस कमी को पूरा करने के लिए होती हैं जो खाने से पूरी नहीं हो पा रही. जब तक आपका खानपान, पानी पीना और थोड़ा चलना फिरना ठीक नहीं होगा, तब तक गोलियों का असर भी लंबे समय तक नहीं टिकेगा.
विटामिन डी की जांच कब करानी चाहिए?
अगर आपको अक्सर जोड़ों या कमर में दर्द रहता है, मौसम बदलते ही बीमार पड़ जाते हैं और दिनभर सुस्ती छाई रहती है, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी की जांच तुरंत करा लेनी चाहिए.
शाकाहारी लोग विटामिन बी12 कैसे बढ़ाएं?
शाकाहारी डाइट में बी12 के विकल्प सीमित होते हैं. इसके लिए दूध, पनीर, टोफू, और फोर्टिफाइड अनाज लिए जा सकते हैं. कमी ज्यादा होने पर डॉक्टर कुछ समय के लिए सप्लीमेंट या इंजेक्शन की सलाह देते हैं.
दिन में किस समय धूप लेना सबसे अच्छा होता है?
सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है. इस समय धूप तेज नहीं होती और त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना शरीर को विटामिन डी बनाने में मदद करती है.
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