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सिर्फ टैनिंग नहीं! धूप में जाते ही होने वाली ये 4 समस्याएं हो सकती हैं सन एलर्जी

धूप में निकलते ही अगर आपकी स्किन पर खुजली, लाल दाने या रैशेज दिखने लगते हैं, तो यह सन एलर्जी हो सकती है. जानिए इसके लक्षण, कारण और अलग‑अलग प्रकार.

सिर्फ टैनिंग नहीं! धूप में जाते ही होने वाली ये 4 समस्याएं हो सकती हैं सन एलर्जी
जानिए सन एलर्जी के लक्षण, कारण और प्रकार
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'अरे बाहर बहुत तेज धूप है, बाहर मत जाओ' यह लाइन हम सभी ने कभी न कभी जरूर सुनी होगी. तेज धूप में निकलने से सनबर्न, रैशेज, जलन, खुजली और त्वचा पर लालपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोगों को धूप में जाने के बाद हल्की परेशानी होती है, जो थोड़ी देर में ठीक भी हो जाती है.

लेकिन कुछ लोगों के साथ मामला थोड़ा अलग होता है. उन्हें धूप में जाते ही त्वचा पर ज्यादा गंभीर दिक्कतें होने लगती हैं, जो सिर्फ नॉर्मल टैनिंग या हल्की जलन से अलग होती हैं. इस स्थिति को आम भाषा में सन एलर्जी कहा जाता है. 

डॉक्टर्स के अनुसार, सन एलर्जी कोई साधारण धूप से होने वाली परेशानी नहीं है. इसमें शरीर धूप को सहन नहीं कर पाता और थोड़ा‑सा बाहर निकलते ही ज्यादा रिएक्शन देने लगता है.

धूप से जुड़ी इस तरह की स्किन समस्याएं कई प्रकार की हो सकती हैं और हर प्रकार के लक्षण और कारण अलग-अलग हो सकते हैं. इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि सन एलर्जी क्या होती है, इसके कितने प्रकार होते हैं और किन लोगों को इससे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.

 सन एलर्जी क्या होती है?

सन एलर्जी में त्वचा धूप में जाने के बाद सामान्य तरीके से रिएक्ट नहीं करती, बल्कि जरूरत से ज्यादा संवेदनशील हो जाती है. इसका असर अलग‑अलग लोगों में अलग तरह से दिख सकता है.

  • किसी की स्किन पर हल्के लाल दाने निकल आते हैं, तो कुछ लोगों को खुजली, सूजन, छोटे-छोटे छाले या पित्ती जैसी समस्या होने लगती है. 
  • यह परेशानी सिर्फ चेहरे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि गर्दन, हाथ, बाजू, छाती और शरीर के दूसरे खुले हिस्सों पर भी दिखाई दे सकती है.

सन एलर्जी के लक्षण कैसे पहचानें?

  • धूप में निकलते ही खुजली या जलन होना
  • त्वचा पर लालपन या सूजन आना
  • छोटे-छोटे दाने या छाले निकलना
  • पित्ती या उभरे हुए निशान बनना
  • चेहरे, गर्दन, हाथ और बाजुओं पर ज्यादा असर दिखना

कई बार ये परेशानी सिर्फ धूप वाले हिस्सों तक रहती है, लेकिन कुछ लोगों में यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती है.

सन एलर्जी कितने प्रकार की होती है?

पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन

यह धूप से होने वाला एक आम स्किन रिएक्शन है. जो महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है, खासकर 20 से 30 साल की उम्र में. इसमें हाथों, गर्दन और छाती पर लाल दाने निकल आते हैं, लेकिन हर व्यक्ति में इन दानों का रूप अलग‑अलग हो सकता है, इसलिए इसे “पॉलीमॉर्फस” कहा जाता है.

एक्टिनिक प्रुरिगो

इस स्थिति में त्वचा पर बहुत ज्यादा खुजली वाले दाने निकल आते हैं. ये दाने सिर्फ धूप में आने वाली जगहों पर ही नहीं, बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी दिखाई दे सकते हैं. यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है.

सोलर अर्टिकेरिया

यह सन एलर्जी का एक गंभीर रूप माना जाता है, इसमें धूप में जाते ही कुछ मिनटों के अंदर त्वचा पर पित्ती या उभरे हुए खुजलीदार निशान पड़ने लगते हैं. जिन लोगों को यह समस्या होती है, उन्हें थोड़ी सी धूप भी जल्दी असर कर सकती है.

फोटोएलर्जिक रिएक्शन 

फोटोएलर्जिक रिएक्शन तब होता है जब त्वचा पर लगाया गया कोई प्रोडक्ट धूप के संपर्क में आकर रिएक्शन कर देता है. जैसे कुछ सनस्क्रीन, परफ्यूम या स्किन केयर प्रोडक्ट्स. यानी इसमें सिर्फ धूप नहीं, बल्कि धूप और केमिकल का मिलकर असर होता है.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

सन एलर्जी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है,

  • जिनकी त्वचा का रंग हल्का होता है
  • जिनके परिवार में पहले से ऐसी समस्या रही हो
  • जो कुछ खास दवाएं ले रहे हों
  • जिन्हें पहले से कोई स्किन की बीमारी हो

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