आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही फोन चेक करना और रात को सोने से पहले स्क्रीन स्क्रॉल करना लाखों लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है. मैसेज, सोशल मीडिया नोटफिकेशन, ईमेल और न्यूज अलर्ट लगातार हमारा ध्यान खींचते रहते हैं. लेकिन क्या हर कुछ मिनट में फोन चेक करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है?
मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट डॉ. अस्तिक जोशी का कहना है कि लगातार नोटिफिकेशन और फोन इस्तेमाल की आदत हमारे ध्यान, नींद, तनाव के स्तर और भावनात्मक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है.
क्यों बार-बार फोन देखने का मन करता है?
डॉ. जोशी बताते हैं कि स्मार्टफोन ऐप्स और नोटिफिकेशन इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे बार-बार हमारा ध्यान आकर्षित करें. हर नया मैसेज, लाइक या अपडेट दिमाग को एक छोटे पुरस्कार जैसा महसूस होता है. यही कारण है कि कई लोग बिना किसी खास जरूरत के भी बार-बार फोन चेक करने लगते हैं.
समय के साथ यह एक ऑटोमैटिक आदत बन जाती है. बोरियत, तनाव या खाली समय मिलते ही हाथ अपने-आप फोन की तरफ बढ़ जाता है. किशोरों और युवाओं में यह आदत ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि उनके मस्तिष्क का वह हिस्सा अभी विकसित हो रहा होता है जो आवेगों को नियंत्रित करता है.
दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
हर नोटिफिकेशन हमारा ध्यान भंग करता है. पढ़ाई या काम करते समय बार-बार फोन देखने से फोकस टूटता है और दोबारा उसी एकाग्रता के स्तर पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इससे उत्पादकता कम होती है और मानसिक थकान बढ़ सकती है. लगातार ऑनलाइन रहने का दबाव भी तनाव पैदा कर सकता है. कई लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें हर मैसेज का तुरंत जवाब देना चाहिए. इसी वजह से दिमाग हमेशा सतर्क अवस्था में बना रहता है, जिससे मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है.
नींद पर भी पड़ता है असर
रात में फोन इस्तेमाल करना भी बड़ी समस्या बन रहा है. देर रात तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या नोटिफिकेशन चेक करना नींद की गुणवत्ता को खराब कर सकता है. पर्याप्त नींद न मिलने से चिड़चिड़ापन, चिंता, फोकस की कमी और मूड से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
कैसे करें फोन का हेल्दी इस्तेमाल?
डॉ. जोशी कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं, जैसे-
- गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद करें.
- पढ़ाई या काम के दौरान फोन-मुक्त समय तय करें.
- भोजन और परिवार के साथ समय बिताते समय फोन दूर रखें.
- सोने से कम से कम 30 से 60 मिनट पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं.
- जहां संभव हो, फोन को बेडरूम से बाहर रखें.
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