चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी के महीनों में दिल के दौरे पड़ने के मामले बढ़ जाते हैं, खास तौर पर सुबह के समय क्योंकि उस वक्त रक्त वाहिकाएं सिम्पेथेटिक ओवर एक्टिविटी के कारण संकुचित होती हैं और अगर वातावरण में धुआं हो तो जोखिम दोगुना हो सकता है. चिकित्सकों के मुताबिक, सर्दियों में हवा की धीमी गति और आद्र्रता के स्तर में वृद्धि हो जाती है. इस कारण से धुएं की स्थिति बिगड़ने लगती है, क्योंकि प्रदूषक तत्व हवा में नीचे बने रहते हैं और इधर-उधर फैल नहीं पाते.
Health Benefits of Radish: मूली खाने के 8 फायदे, बीमारियां होंगी दूर, चेहरे पर आएगा ग्लो
हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "सर्दियों के शुरुआती दिनों के दौरान अधिक धुंध और स्मॉग आम है. सर्दियों में बारिश के दौरान उच्च आद्र्रता होने पर तापमान में गिरावट आती है. जबकि, शुष्क या जाती हुई सर्दियों में फॉग या स्मॉग गायब कम हो जाता है और ठंडी हवाएं भी बंद हो जाती हैं."
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सर्दियों में कैसे करें त्वचा की देखभाल, यहां हैं 5 बेस्ट टिप्स
एक अध्ययन के मुताबिक, वायु की खराब गुणवत्ता या धुआं सबसे खराब प्रकार के दिल के दौरे का एक महत्वपूर्ण कारण है, जिससे समय से पहले मौत हो सकती है. दिल की समस्या वाले लोगों के लिए इन दिनों अधिक जोखिम रहता है.
डॉ. अग्रवाल ने बताया, "स्मॉग से होने वाले नुकसानों में आंखों में लालिमा, खांसी या गले में जलन, सांस लेने में कठिनाई प्रमुख है. स्मॉग से तीव्र अस्थमा के दौरे पड़ सकते हैं, साथ ही यह दिल के दौरे, स्ट्रोक, एरिदमिया को भी बढ़ा सकता है. बच्चे, वृद्ध, मधुमेह, हृदय और फेफड़ों की बीमारियों वाले रोगी विशेष रूप से स्मॉग के प्रतिकूल प्रभावों के प्रति संवेदनशील होते हैं और इसलिए खुद को बचाने के लिए इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए."
सर्दियों में डायबिटीज के मरीज दें ध्यान, 5 सब्जियां करेंगी ब्लड शुगर कंट्रोल
डायबिटीज को दूर भगा देंगी ये 4 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियांडायबिटीज में आंवला के हैं कई फायदे, पढें
डॉ. अग्रवाल ने सुझाव देते हुए कहा, "अस्थमा और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस वाले मरीजों को स्मॉग वाले दिनों में दवा की खुराक में वृद्धि कर लेनी चाहिए, स्मॉग की स्थिति में जॉगिंग, रनिंग जैसी गतिविधियों से बचें, स्मॉग के दौरान पैदल चलने से बचें, जितना संभव हो बाहर जाने से बचें, स्मॉग के घंटों के दौरान धीरे-धीरे ड्राइव करें, दिल के रोगियों को स्मॉग के दौरान सुबह के टहलना बंद कर देना चाहिए, फ्लू और निमोनिया के टीके लगवा लें."
और खबरों के लिए क्लिक करें.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं