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कैसे पता चलता है कि किसी का अवैध संबंध चल रहा है? साइकियाट्रिस्ट ने बताया कैसे करें पहचान

क्या आपका पार्टनर पहले जैसा व्यवहार नहीं कर रहा? यथार्थ हॉस्पिटल के साइकेट्रिस्ट डॉ. सामंत दर्शी से जानिए रिश्ते में धोखे के संभावित संकेत, रिश्तों में बढ़ती दूरी की वजहें और भरोसा मजबूत करने के तरीके.

कैसे पता चलता है कि किसी का अवैध संबंध चल रहा है? साइकियाट्रिस्ट ने बताया कैसे करें पहचान
क्या पार्टनर बदल रहा है? जानिए रिश्ते में धोखे के संकेत और डॉक्टर की राय

शादी या किसी भी रिश्ते की बुनियाद भरोसे पर टिकी होती है. जब वही भरोसा डगमगाने लगे, तो दिल और दिमाग दोनों में उथल पुथल मच जाती है. अक्सर लोग हमारे पास आते हैं और पूछते हैं कि क्या उनका पार्टनर उन्हें धोखा दे रहा है. ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल (ओमेगा 1) में कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट डॉ. सामंत दर्शी इस बारे में बहुत पते की बात कहते हैं. उनके पास आने वाले कई कपल्स के मन में यही सवाल होता है कि आखिर कैसे समझे कि साथी की जिंदगी में कोई और तो नहीं आ गया.

फोन छुपाना, बातचीत कम करना, हर समय बिजी रहने का बहाना बनाना... क्या ये बेवफाई के संकेत हैं? यथार्थ हॉस्पिटल के साइकेट्रिस्ट डॉ. सामंत दर्शी बताते हैं कि पार्टनर के व्यवहार में बदलाव हमेशा अफेयर की वजह से नहीं होता. तनाव, डिप्रेशन और रिश्तों की अनसुलझी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं. जानिए किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे समय में रिश्ते को कैसे संभालें.

रिश्ते में धोखे के संकेत क्या हो सकते हैं?

रिश्ते में जब अचानक दूरी आने लगे, तो शक होना लाजिमी है. डॉ. सामंत दर्शी बताते हैं कि किसी इंसान के अवैध संबंध या अफेयर का पता केवल एक या दो बदलाव देखकर तुरंत नहीं लगाया जा सकता. ऐसा नहीं है कि किसी ने एक दिन बात कम की और आपने मान लिया कि दाल में कुछ काला है. हां, कुछ ऐसे इशारे जरूर होते हैं जिन पर ध्यान जाना स्वाभाविक है.

डॉ. सामंत दर्शी के अनुसार ये संकेत दिख सकते हैं:

  • फोन को लेकर जरूरत से ज्यादा प्राइवेसी रखना. स्क्रीन को हमेशा छुपाकर रखना, नए नए पासवर्ड लगाना या कॉल आते ही कमरे से बाहर चले जाना.
  • बातचीत और इमोशनल जुड़ाव में अचानक भारी कमी आ जाना. ऐसा लगना जैसे सामने वाला आपके साथ होकर भी कही खोया हुआ है.
  • बिना किसी ठोस वजह के डेली रूटीन एकदम बदल जाना. देर रात तक ऑफिस में रुकने का बहाना बनाना या वीकेंड पर अचानक गायब रहना.
  • हर बात पर यह कहना कि मैं बहुत बिजी हूं और रिश्ते में एक अजीब सी खामोशी पैदा कर देना.
  • छोटी छोटी बातों पर चिढ़ जाना और पुराने प्यार या अपनापन का गायब हो जाना.

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क्या हर बदलाव बेवफाई ही होता है?

यहीं पर ज्यादातर लोग बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं. डॉ. सामंत दर्शी (यथार्थ हॉस्पिटल, ओमेगा 1) का साफ कहना है कि इन संकेतों का यह कतई मतलब नहीं होता कि आपके पार्टनर का किसी और के साथ अफेयर चल ही रहा है.

इंसानी जिंदगी बहुत उलझी हुई है. आज के दौर में काम का भारी तनाव, करियर को लेकर मानसिक दबाव, कोई पर्सनल परेशानी या डिप्रेशन भी इंसान को अंदर से खामोश कर देता है. हो सकता है कि रिश्ते में पहले से ही कुछ अनसुलझे मसले चल रहे हों, जिनकी वजह से पार्टनर बात करने से कतरा रहा हो. इसलिए हर बात को सीधे अफेयर से जोड़कर देखना रिश्ते के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है.

जासूसी करने की भूल कभी न करे

जब मन में शक बैठ जाता है, तो लोग अक्सर सीआईडी या डिटेक्टिव बन जाते हैं. पार्टनर की जेब टटोलना, छुपकर व्हाट्सएप चैट पढ़ना, लोकेशन ट्रैक करना या बिना किसी पुख्ता सबूत के सीधे चीटिंग का इल्जाम लगा देना.

डॉक्टर दर्शी के मुताबिक, यह तरीका आग में घी डालने जैसा है. जासूसी करने से सिर्फ अविश्वास बढ़ता है. अगर सामने वाला बेकसूर निकला, तो उसका आत्मसम्मान बुरी तरह आहत होगा और वह आपसे हमेशा के लिए कट जाएगा. बिना सबूत के आरोप लगाने से बात बनने के बजाय पूरी तरह बिगड़ जाती है.

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तो फिर ऐसी हालत में क्या करना चाहिए?

अगर आपको सच में अपने साथी के बर्ताव में फर्क नजर आ रहा है, तो डॉ. सामंत दर्शी कुछ बेहद जरूरी कदम उठाने की सलाह देते हैं:

  • शांति से आमने सामने बैठकर बात करे. अपने साथी से यह मत कहिए कि तुम बदल गए हो या तुम मुझे धोखा दे रहे हो.
  • अपनी भावनाएं सामने रखे. उन्हें बताइए कि आपको उनके दूर जाने से कितना दर्द हो रहा है, आपको अकेलापन महसूस हो रहा है और आप परेशान हैं.
  • पार्टनर की बात को बिना टोके और बिना जज किए सुनने की आदत डाले. हो सकता है कि वह किसी ऐसी मानसिक उलझन से गुजर रहे हों जिसे वो बयां नहीं कर पा रहे थे.
  • अगर बातचीत से रास्ता न निकले और घर में रोज रोज का कलह या तनाव बना रहे, तो किसी अच्छे मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट या कपल्स काउंसलर के पास जाए.

रिश्ता बातचीत और भरोसे से बचता है

डॉ. सामंत दर्शी कहते हैं कि किसी भी रिश्ते की जान उसका खुला संवाद होता है. जब तक दोनों लोग खुलकर अपने डर और चिंताओं पर बात नहीं करेंगे, तब तक गलतफहमियां सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती ही जाएंगी.

केवल हवा हवाई शक और अंदाजे के दम पर किसी नतीजे पर पहुंचना सालों पुराने रिश्ते को एक पल में राख कर सकता है. अगर आपको लगता है कि चीजें हाथ से निकल रही हैं, तो एक बार किसी प्रोफेशनल डॉक्टर की मदद लेकर रिश्ते को दूसरा मौका जरूर देना चाहिए. आखिरकार, एक दूसरे को समझना और सही वक्त पर सही कदम उठाना ही समझदारी है.

FAQs-

Q. क्या पार्टनर का फोन छुपाना धोखे का संकेत है?
 A. जरूरी नहीं. इसके पीछे निजी स्पेस, तनाव या अन्य व्यक्तिगत कारण भी हो सकते हैं.

Q. पार्टनर अचानक दूरी क्यों बनाने लगता है?
 A. काम का तनाव, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या रिश्तों में चल रही दिक्कतें इसकी वजह हो सकती हैं.

Q. क्या बिना सबूत के आरोप लगाना सही है?
 A. नहीं. इससे रिश्ते में भरोसा कमजोर हो सकता है और मतभेद बढ़ सकते हैं.

Q. रिश्ते में शक होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
 A. शांत माहौल में खुलकर बातचीत करनी चाहिए और अपनी भावनाएं साझा करनी चाहिए.

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