Early Cancer Detection: ए स्टार जीनोम इंस्टीट्यूट ऑफ सिंगापुर (A*STAR GIS) के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके छोटे ब्लड सैम्पल में ट्यूमर डीएनए (ctDNA) को ट्रैक करने का एक नया तरीका विकसित किया है. टीम की रिपोर्ट है कि "फ्रैगल" नामक यह नई AI विधि डॉक्टर्स को यह ट्रैक करने में मदद कर सकती है कि कोई मरीज कैंसर के इलाद के प्रति कितनी अच्छी प्रतिक्रिया दे रहा है. यह तकनीक मौजूदा तरीकों की तुलना में ज्यादा सटीक और कम लागत वाली है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सर्कुलेटिंग ट्यूमर डीएनए (ctDNA) एनालिसिस तकनीक कॉम्बिनेशन ने लिक्विड बायोप्सी (liquid biopsy) को नई बुलंदियों पर पहुंचाया है. यह पद्धति न केवल कैंसर की शुरुआत के निशान बल्कि इलाज की प्रतिक्रिया भी अनगिनत सूक्ष्म लेवल पर पहचान सकती है.
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तकनीकी आधार: ctDNA और AI
कैंसर कोशिकाएं मृत्यु के दौरान अपना डीएनए ब्लड में छोड़ती हैं, जिसे ctDNA कहा जाता है. AI‑बेस्ड मॉडल, खासतौर से मशीन लर्निंग, इन अत्यंत सूक्ष्म डीएनए टुकड़ों (DNA fragments) को पहचानते हैं .
मॉडल जैसे DELFI, EPIC-Seq और ARTEMIS‑DELFI डीएनए के fragmentation pattern या epigenetic संकेतों का पता लगाकर कैंसर की उपस्थिति और उपचार उत्तरदायित्व का टूलबॉक्स प्रदान करते हैं.
ताजा स्टडी में क्या नया?
कम्प्यूटेशनल कैंसर जीनोमिक्स की ए स्टार जीआईएस प्रयोगशाला के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखक एंडर्स स्कैंडरप, पीएचडी ने बताया, "जिस तरह वैज्ञानिकों ने वेस्ट वाटर में वायरल कणों का पता लगाकर COVID-19 के प्रकोप को ट्रैक किया, उसी तरह फ्रैगल कैंसर के इलाज की प्रतिक्रिया की निगरानी करने और बीमारी के दोबारा उभरने का जल्द पता लगाने के लिए ब्लड में डीएनए टुकड़ों का विश्लेषण करता है."
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सरल, ज्यादा किफायती
"जबकि मौजूदा तरीकों की अपनी खूबियां हैं, वे अक्सर जटिल और महंगे होते हैं. हम एक सरल, ज्यादा किफायती और सुलभ दृष्टिकोण बनाना चाहते थे, जो क्लिनिकल हेल्थ फ्लो पर बोझ डाले बिना सटीक निगरानी का सपोर्ट कर सके." AI का उपयोग करते हुए, नया मॉडल ब्लड सैम्पल का विश्लेषण कर सकता है और सैम्पल के भीतर डीएनए टुकड़ों के आकार की तुलना कर सकता है. ctDNA में आमतौर पर स्वस्थ DNA की तुलना में अलग-अलग आकार होते हैं, इसलिए AI मॉडल ctDNA को तेजी से और मजबूती से निर्धारित कर सकता है और यह पता लगा सकता है कि कोई मरीज कैंसर के इलाज पर कितनी अच्छी तरह रिएक्शन दे रहा है. शोध दल ने अपने AI मॉडल को मान्य करने के लिए कई कैंसर और हेल्थ कंट्रोल से संपूर्ण-जीनोम अनुक्रमण डेटा का उपयोग किया.
कम लागत
डीएनए की केवल थोड़ी मात्रा की जरूरत होती है, फ्रैगल का उपयोग ब्लड टेस्ट के जरिए से कैंसर की निगरानी के लिए किया जा सकता है, जिसकी लागत लगभग 3500 है, जबकि पारंपरिक कैंसर का पता लगाने वाले टेस्ट के लिए लगभग 6700 रुपये है.
नई AI विधि का उपयोग अस्पतालों और कर्शियल लेबोरेटरीज में आम और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली डीएनए प्रोफाइलिंग विधियों के साथ भी किया जा सकता है, जिससे "मौजूदा वर्कफ्लो में इसे आसानी से और तेजी से अपनाया जा सकता है."
इस गति, बहुमुखी प्रतिभा और कम लागत का मतलब है कि कैंसर के इलाज के दौरान रोगियों की ज्यादा बार निगरानी की जा सकती है, जिससे डॉक्टर्स को यह समझने में मदद मिलती है कि कोई थेरेपी काम कर रही है या नहीं. इसके अलावा, सर्जरी या उपचार के बाद, डॉक्टर बीमारी के फिर से उभरने के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए नई AI विधि का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि फ्रैगल ब्लड फ्लो में बचे कैंसर के सबसे छोटे निशानों की भी पहचान करने में सक्षम है.
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