Naukasana Benefits: नौकासन एक प्रभावी योगासन है जो पेट, पीठ और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसका नियमित अभ्यास कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने, शरीर के संतुलन को बेहतर बनाने और रीढ़ को मजबूत रखने में सहायक हो सकता है. हालांकि, दिल की गंभीर बीमारी, अस्थमा, माइग्रेन, लो ब्लड प्रेशर और गर्भावस्था में इसका अभ्यास करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
नौकासन क्या है और इसे नावासन क्यों कहते हैं?
नावासन, नौकासन भी कहा जाता है. यह दो शब्दों से मिलकर बना है, 'नावा' का अर्थ है 'बोट' और 'आसन' का अर्थ है 'मुद्रा'. इस आसन को करते समय शरीर का आकार नाव जैसा बन जाता है, इसलिए इसे नावासन कहा जाता है.
नौकासन करने से शरीर को क्या 8 फायदे मिलते हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार -
- नौकासन एक प्रभावी योगासन है, जो शरीर को मजबूत और संतुलित बनाने में मदद करता है.
- इसे करते समय पेट, पीठ और जांघों की मांसपेशियों पर सीधा असर पड़ता है, जिससे शरीर की चर्बी कम होती है.
- यही नहीं, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में भी यह सहायक होता है.
- यह आसन न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है.
- नावासन एब्स बनाने के लिए प्रभावी माना जाता है.
- इसके नियमित अभ्यास से एब्स बहुत मजबूत होते हैं.
- शरीर में लचीलापन और स्टैमिना बढ़ाने में लाभकारी माना जाता है.
- पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है.
नौकासन एक प्रभावी योगासन है जो कोर, एब्स, पीठ और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. यह शरीर के संतुलन, पोस्चर और एकाग्रता को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है.
Also Read: AIIMS के बड़े डॉक्टर ने बताया, पिता बनने का तरीका, क्या करने से बढ़ेगी पुरुषों की फर्टिलिटी

Naukasana Ke Fayde.
नौकासन करने का सही तरीका क्या है?
- नौकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ लें.
- हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें.
- अब एक गहरी सांस लें, और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने पैरों और सीने को ऊपर उठाएं.
- साथ ही, हाथों को आगे की तरफ खींचें ताकि वे पैरों की ओर बढ़ें.
- इस दौरान आपकी नजरें पैरों पर होनी चाहिए, वहीं हाथ और पैर एक सीध में दिखाई दें.
- पेट की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस करें और कुछ देर इसी स्थिति में रहें. फिर धीरे-धीरे वापस पहली जैसी स्थिति में आ जाएं.
किन लोगों को नौकासन नहीं करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय ने दिल की कोई गंभीर बीमारी या अस्थमा से जूझ रहे लोगों को नौकासन न करने की सलाह दी है. साथ ही अगर आपको माइग्रेन, तेज सिरदर्द या लो ब्लड प्रेशर है, तो आप इसका अभ्यास न करें, क्योंकि इससे तकलीफ और बढ़ सकती है. गर्भावस्था के दौरान नौकासन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह पेट पर दबाव डालता है.
Also Read: भक्ति भी, फिटनेस भी: सावन के 30 दिनों में अपनाएं यह हेल्दी चैलेंज, महीने के अंत तक महसूस होगा फर्क
FAQs
क्या नौकासन करने से पेट की चर्बी कम होती है?
नौकासन कोर मांसपेशियों को सक्रिय करता है और नियमित व्यायाम व संतुलित आहार के साथ वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है.
क्या नौकासन से एब्स बन सकते हैं?
यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है. स्पष्ट एब्स के लिए डाइट और अन्य व्यायाम भी जरूरी होते हैं.
नौकासन कितनी देर तक करना चाहिए?
शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रुकें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं.
क्या कमर दर्द वाले लोग नौकासन कर सकते हैं?
कमर दर्द की स्थिति में योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है.
क्या कब्ज में नौकासन फायदेमंद है?
यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, लेकिन कब्ज के इलाज का दावा नहीं किया जाना चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं