सांसद सुप्रिया सुले की बेटी की शादी सारंग लखानी से हुई है. इस मौके पर राजधानी दिल्ली में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया था जिसमें तमाम दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई. शरद पवार खुद सभी अतिथियों का स्वागत कर रहे थे, उनसे बात कर रहे थे.
सोमवार को हुए इस रिसेप्शन में गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे थे. उन्होंने काफी देर तक शरद पवार से बात भी की. उनके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम में पहुंचे. उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी भी आईं. सभी ने एक दूसरे से काफी गर्मजोशी से मुलाकात की.

वैसे इससे पहले सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. उस मुलाकात के बाद कयास लगने लगे कि क्या महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है. क्या शरद पवार एक बार फिर एनडीए के साथ जा सकते हैं. अब उन अटकलों के बीच सुप्रिया सुले ने साफ कहा है कि अमित शाह के साथ हुई मुलाकात सिर्फ और सिर्फ राज्य के विकास तक सीमित थी.
इससे पहले शरद पवार गुट के आठ सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी. बताया जा रहा है कि सांसदों ने महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, संत तुकाराम महाराज और अण्णा भाऊ साठे के लिए भारत रत्न की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखी. ये चारों ही महाराष्ट्र के सामाजिक, शैक्षणिक और आध्यात्मिक इतिहास के बड़े नाम हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि ज्योतिबा राव फुले और सावित्रीबाई फुले सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई और महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने के लिए जानी जाती हैं. वहीं, संत तुकाराम महाराज महाराष्ट्र की संत परंपरा से जुड़ी बड़ी शख्सियत हैं. उनके विचारों का महाराष्ट्र के सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है. अण्णा भाऊ साठे का भी महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

भारत रत्न की मांग के अलावा स्थानीय मुद्दों को भी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाया. इस समय राज्य में कई जगहों पर भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. इसके अलावा मराठवाड़ा क्षेत्र में सूखे की स्थिति है. बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा की गई.
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