Father Mental Health: घर में कोई भी बड़ी जिम्मेदारी हो, सबसे पहले नजर अक्सर पिता पर जाती है. बच्चों की पढ़ाई से लेकर EMI और रिटायरमेंट तक, कई मिडिल क्लास पिता ऐसी चिंताओं का बोझ उठाते हैं जिनका जिक्र वे शायद ही कभी किसी से करते हों. आइए जानते हैं उन 5 फिक्रों के बारे में, जो लाखों भारतीय पिताओं के मन में हर दिन चलती रहती हैं.
वैसे तो हर परिवार की कहानी अलग होती है, फिर भी कुछ चिंताएं ऐसी हैं, जिनसे कई मिडिल क्लास पिता किसी न किसी रूप में गुजरते हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 चिंताओं के बारे में, जिनसे कई मिडिल क्लास पिता गुजरते हैं. मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट कामना छिब्बर ने बताए ऐसे 5 डर, जो हर मिडल क्लास पापा के मन में रहते हैं -
बच्चों की पढ़ाई और करियर की चिंता

फोर्टिस हेल्थकेयर, मानसिक स्वास्थ्य विभाग, मानसिक स्वास्थ्य, प्रमुख कामना छिब्बर बताती हैं कि हर पिता चाहता है कि उसके बच्चों को वे मौके मिलें, जो शायद उसे खुद नहीं मिले. ज्यादातर पिता की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की पढ़ाई और करियर होती है. बच्चों को अच्छी स्कूलिंग, कॉलेज, स्किल्स मिलें और आगे चलकर वे करियर में कुछ अच्छा करें इसके लिए वे अपनी जरूरतों से भी समझौता कर लेते हैं.
महीने का बजट कैसे संभलेगा

Photo Credit: Pexels
घर का किराया हो या EMI, बिजली का बिल हो या बच्चों की फीस, हर महीने खर्चों की लंबी लिस्ट सामने होती है. पिता हर खर्च करने से पहले मन ही मन हिसाब लगाते हैं कि महीने के आखिर तक बजट बिगड़ेगा तो नहीं.
अगर नौकरी चली गई तो क्या होगा?

Photo Credit: pexels
आज के समय में नौकरी की कोई गारंटी नहीं है. इसी वजह से कई लोगों के मन में यह डर बना रहता है कि अगर अचानक नौकरी चली गई या आमदनी कम हो गई, तो परिवार की जरूरतें कैसे पूरी होंगी.
अपनी इच्छाएं सबसे आखिर में रखना
नया मोबाइल लेना हो, कपड़े खरीदने हों या कहीं घूमने जाना हो, कई मिडिल क्लास पिता अपनी पसंद की चीजें टाल देते हैं. उन्हें लगता है कि पहले घर की जरूरतें पूरी होना ज्यादा जरूरी है.
रिटायरमेंट के बाद का भविष्य

पिता के मन में यह सवाल हमेशा रहता है कि रिटायरमेंट के बाद क्या होगा. अगर उस समय कोई बड़ी बीमारी आ गई या अचानक पैसों की जरूरत पड़ गई, तो खर्च कैसे चलेगा? यही वजह है कि वे आज से ही बचत करने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की कोशिश करते रहते हैं.
भले ही हर पिता की जिंदगी और जिम्मेदारियां अलग होती हैं. ऐसा भी नहीं है कि हर मिडिल क्लास पिता इन्हीं चिंताओं से गुजरता हो. लेकिन अगर परिवार में पैसों, जिम्मेदारियों और भविष्य को लेकर खुलकर बातचीत हो, तो कई परेशानियां हल्की हो सकती हैं. कई बार सिर्फ यह एहसास कि जिम्मेदारियां अकेले नहीं उठानी हैं, किसी भी पिता के लिए बड़ी राहत बन सकता है.
कामना छिब्बर फोर्टिस हेल्थकेयर में मानसिक स्वास्थ्य विभाग, मानसिक स्वास्थ्य प्रमुख हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं