बच्चे के जन्म के बाद कई परिवारों में मुंडन संस्कार कराया जाता है. मुंडन को धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है. लेकिन इसे लेकर अक्सर पेरेंट्स के मन में सवाल होता है कि बच्चे का मुंडन कब कराना चाहिए? या क्या बहुत छोटे बच्चे का मुंडन कराया जा सकता है? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. इसे लेकर पीडियाट्रिशियन चंदन कुमार सिंह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में उन्होंने मुंडन को लेकर जानकारी दी है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
पीडियाट्रिशियन चंदन बताते हैं, मुंडन के लिए कोई तय उम्र नहीं होती है आप अपनी धार्मिक श्रद्धा के मुताबिक या अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार बच्चे का मुंडन करवा सकते हैं. लेकिन इससे पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. जैसे-
18 महीने से पहले मुंडन न करवाएंपीडियाट्रिशियन बताते हैं, बच्चे के सिर के आगे एक नरम जगह होती है, जिसे एंटीरियर फॉन्टानेल कहा जाता है. आमतौर पर ये जगह 9 से 18 महीने के बीच बंद हो जाती है. इसके बंद होने के बाद बच्चे का मुंडन कराया जा सकता है.
इन बातों का भी रखें ध्यानपीडियाट्रिशियन कहते हैं, शुरुआती दिनों में मुंडन कराने से बचना चाहिए. इससे अलग अगर बच्चा बीमापर है, बच्चे को बुखार है या उसकी तबीयत ठीक नहीं है, तो उस समय भी मुंडन नहीं कराना चाहिए. बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही मुंडन कराने के बारे में सोचें.
साफ-सफाई का रखें खास ध्यानमुंडन कराते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. ध्यान रखें कि जिस व्यक्ति से बच्चे का मुंडन कराया जा रहा है, उसके हाथ पूरी तरह साफ हों. इस्तेमाल होने वाले औजार भी साफ और सुरक्षित होने चाहिए.
इस तरह छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप सावधानी और सुरक्षित तरीके से बच्चे का मुंडन करवा सकते हैं.
यहां देखें वीडियो-
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