ब्रेस्ट कैंसर का जब भी हम नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले महिलाओं का ख्याल आता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ये बीमारी सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी देखी जाती है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. हाल ही में हॉलीवुड एक्टर और फार्मर प्रोफेशनल रेसलर टायलर मेन (Tyler Mane) ने खुलासा किया है कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हुआ है और इस वक्त उनका कीमोथेरेपी (Chemotherapy) ट्रीटमेंट चल रहा है.
59 साल के टायलर मेन ने इंस्टाग्राम पर अपनी इस बीमारी के बारे में खुलकर बात की है ताकि पुरुषों में इस बीमारी को लेकर अवेयरनेस बढ़ाई जा सके. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, हां, मुझे ब्रेस्ट कैंसर है. और हां, यह बहुत ही रेयर है. दुनिया में सिर्फ 1% ब्रेस्ट कैंसर के मामले पुरुषों में होते हैं.
टायलर मेन ने क्यों कहा शर्म छोड़ना जरूरी है-
टायलर मेन ने बहुत ही ईमानदारी से अपने दिल की बात शेयर की. उन्होंने बताया, सच कहूं तो, मेरा पहला रिएक्शन यही था कि मैं इस बात को सबसे छुपा कर रखूं. मुझे थोड़ा अजीब और शर्मिंदगी जैसा महसूस हो रहा था. लेकिन फिर मुझे पता चला कि पुरुष अक्सर इस बीमारी के आखिरी स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, क्योंकि इसके बारे में न तो कोई बात करता है और न ही कोई इस पर ध्यान देता है.
टायलर ने आगे बताया कि शुरुआत में उनके डॉक्टरों ने भी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया था. यह तो उनकी वाइफ थीं, जिन्होंने जोर दिया कि उन्हें इस गांठ को हटवा देना चाहिए. पत्नी के कहने पर जब उन्होंने सर्जरी कराई, तब जाकर इस बीमारी का पता सही समय पर चल पाया.
टायलर कहते हैं कि हर 755 पुरुषों में से 1 को अपने जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है. अगर इसे शुरुआत में ही पकड़ लिया जाए, तो इसका इलाज बहुत आसान है. अब समय आ गया है कि पुरुष इस वेक-अप कॉल को समझें और अपनी सेहत को लेकर गंभीर हों.
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर क्या है? (What is Male Breast Cancer)
सरल और आसान शब्दों में कहें तो, पुरुषों के चेस्ट एरिया में भी कुछ मात्रा में ब्रेस्ट टिश्यू (Breast Tissue) होते हैं. जब इन टिश्यू के अंदर की कोशिकाएं (Cells) खराब होने लगती हैं और बिना कंट्रोल के बढ़ने लगती हैं, तो वे एक ट्यूमर का रूप ले लेती हैं. इसी को मेल ब्रेस्ट कैंसर (Male Breast Cancer) कहा जाता है. पुरुषों में ये टिश्यू बहुत कम होते हैं, इसलिए यह बीमारी महिलाओं की तुलना में बहुत कम देखी जाती है. यूके के कैंसर रिसर्च डेटा के मुताबिक, ट्रांस महिलाएं और वो लोग जिन्हें जन्म के समय पुरुष का जेंडर मिला था, उन्हें भी इसका खतरा हो सकता है.
इन लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर- (Symptoms of Male Breast Cancer)
- गांठ या सूजन- छाती या बगल (Armpit) में किसी तरह की गांठ या भारीपन महसूस होना. भले ही इसमें दर्द न हो, फिर भी इसे चेक कराएं.
- टिश्यू का मोटा होना- चेस्ट के किसी हिस्से की स्किन का अचानक कड़ा या मोटा हो जाना.
- स्किन में बदलाव- छाती की स्किन का लाल होना या उसमें डिंपल जैसा पड़ना.
- निप्पल में दर्द- निप्पल एरिया में लगातार दर्द या संवेदनशीलता महसूस होना.
- निप्पल का अंदर मुड़ना- अगर निप्पल बाहर की तरफ रहने के बजाय अंदर की ओर धंसने लगे.
- निप्पल से डिस्चार्ज- निप्पल से किसी तरह का लिक्विड या खून का आना.
- बगल में सूजन- हाथ के नीचे (Underarm) के लिम्फ नोड्स में सूजन आ जाना.
- घाव होना- निप्पल के आस-पास की स्किन पर कोई ऐसा घाव या छाला होना जो ठीक न हो रहा हो.
पुरुषों को क्यों होता है ब्रेस्ट कैंसर?
वैसे तो यह किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ वजहें इसके खतरे को बढ़ा देती हैं-
- बढ़ती उम्र- ज्यादातर मामले 60 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में देखे जाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ इसका रिस्क बढ़ता है.
- फैमिली हिस्ट्री- अगर परिवार में पहले किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता है.
- जीन में बदलाव- शरीर में कुछ खास जींस, खासकर जीन में गड़बड़ी के कारण पुरुषों में इसका खतरा काफी ज्यादा हो जाता है.
- हार्मोन का असंतुलन- अगर पुरुष के शरीर में एस्ट्रोजन (महिला हार्मोन) का लेवल बढ़ जाए या टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का लेवल कम हो जाए, तो खतरा बढ़ता है.
- मोटापा- शरीर में ज्यादा फैट होने से एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जो कैंसर की वजह बन सकता है.
- लिवर की बीमारी- सिरोसिस जैसी लिवर की बीमारियां भी शरीर के हार्मोन्स का बैलेंस बिगाड़ देती हैं.
- रेडिएशन- अगर पास्ट में कभी चेस्ट एरिया का कोई रेडिएशन ट्रीटमेंट हुआ हो.
बचाव के लिए अपनाएं ये आसान तरीके-
कैंसर को पूरी तरह रोकना हमेशा मुमकिन नहीं होता, लेकिन अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके आप इसके खतरे को कम कर सकते हैं-
- वजन को कंट्रोल- मोटापा कई बीमारियों की जड़ है. सही डाइट और एक्सरसाइज से अपना वजन नॉर्मल रखें.
- शराब से दूरी- ज्यादा अल्कोहल पीने से ब्रेस्ट कैंसर समेत कई तरह के कैंसर का रिस्क बढ़ता है.
- रोजाना एक्सरसाइज- फिजिकल एक्टिविटी शरीर के हार्मोन्स को बैलेंस रखने में मदद करती है.
- फैमिली हिस्ट्री- अगर आपके परिवार में किसी को कैंसर रहा है, तो डॉक्टर से बात करके अपनी जेनेटिक काउंसिलिंग कराने पर विचार करें.
- रेगुलर हेल्थ चेकअप- साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर कराएं ताकि कोई भी बीमारी शुरुआती स्टेज में ही पकड़ में आ जाए.
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