Nervous system disorders: इंसानों की शारीरिक और मानसिक सेहत में उसके सेंट्रल नर्वस सिस्टम या तंत्रिका तंत्र का रोल किसी से छिपा नहीं है. इसमें दिक्कत या असंतुलन होने पर पूरी लाइफ अस्त व्यस्त हो जाती है. हालांकि, इस खास दिक्कत को महसूस करने या समझने में इंसान काफी देरी कर देता है. इसी चक्कर में कई बार पीड़ित को समय पर उचित इलाज नहीं मिला पाता और दिक्कत काफी बढ़ जाती है. सोने में कठिनाई से लेकर अधिक खाने तक ऐसे कुछ शारीरिक-मानसिक संकेत हैं जो बताते हैं कि आपका तंत्रिका तंत्र असंतुलित है.
हमारी आधुनिक जीवनशैली हमें समय के साथ ऐसी समस्याओं की ओर धकेल सकती है. नर्वस सिस्टम के असंतुलित होने के कुछ संकेत होते हैं. क्या आपको कभी ऐसा महसूस होता है कि आप लगातार बेहद जोश में हैं, जबकि आप रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं? यह तंत्रिका तंत्र असंतुलित होने का एक संकेत हो सकता है.
नर्वस सिस्टम असंतुलित होने के पांच संकेत (Five signs that your nervous system is out of balance)
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1. लगातार व्यस्त रहने की आवश्यकता महसूस हो सकती है. क्योंकि अगर हमें कुछ खाली समय मिलता है, तो दिमाग अधिक सोचना शुरू कर सकता है.
2. हमें सोने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तंत्रिका तंत्र को खतरा और दबाव महसूस होता है.
3. हम अपने द्वारा लिए गए सभी पहल और फैसले का बेहद बारीकी से विश्लेषण करना शुरू करते हैं. हम अपने भीतर के यानी खुद के कठोर आलोचक बन जाते हैं.
4. आघात या स्ट्रोक अक्सर शरीर में शारीरिक लक्षणों के रूप में दिखाई दे सकता है. आघात किसी हादसे के लिए इंसान की केवल भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया नहीं है इसे शारीरिक रूप से भी महसूस किया जा सकता है. ये ऐसी किसी भी स्थिति से पैदा होता है जो आपकी सुरक्षा को खतरे में डालता है या चाहे यह एक गहन भावनात्मक अनुभव हो या तनावपूर्ण घटना.
5. हम आसानी से विचलित हो जाते हैं और हमें अपना ध्यान केंद्रित रखने में परेशानी होती है.
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