अक्सर लोग यह सोचकर ज्यादा प्रोटीन खाना शुरू कर देते हैं कि इससे शरीर जल्दी मजबूत बन जाएगा. वहीं कुछ लोग यह मानकर चलते हैं कि दाल और दूध मिल जाए तो उतना ही काफी है. सच यह है कि हर उम्र में शरीर की जरूरत अलग होती है. बच्चों को बढ़ने के लिए, युवाओं को मांसपेशियां मजबूत रखने के लिए और बढ़ती उम्र में शरीर की ताकत बचाए रखने के लिए प्रोटीन की मात्रा बदल जाती है. अगर जरूरत से बहुत कम या बहुत ज्यादा प्रोटीन लिया जाए, तो उसका असर सेहत पर भी पड़ सकता है. आइए जानते हैं फरीदाबाद, एशियन हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. अमित मिगलानी से जानते हैं कि आपकी उम्र के हिसाब से शरीर को रोज कितनी प्रोटीन चाहिए.
किस उम्र में कितनी प्रोटीन की जरूरत होती है?
डॉक्टर अमित बताते हैं कि आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना प्रति किलोग्राम वजन पर करीब 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत मानी जाती है. यानी अगर किसी व्यक्ति का वजन 60 किलो है, तो उसे करीब 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी. वहीं बढ़ते बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इससे अधिक प्रोटीन की जरूरत पड़ सकती है. जो लोग नियमित व्यायाम करते हैं या मांसपेशियां बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए भी डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट जरूरत के हिसाब से ज्यादा प्रोटीन लेने की सलाह दे सकते हैं.
हर व्यक्ति के हिसाब से अलग हो सकती है प्रोटीन की जरूरत
कई लोग बिना सलाह के प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता. इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर अगर पहले से किडनी से जुड़ी कोई बीमारी हो. इसलिए अपनी जरूरत समझे बिना ज्यादा प्रोटीन लेना सही नहीं माना जाता.
विशेषज्ञ मानते हैं कि 50–60 साल के बाद मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार सामान्य मात्रा से थोड़ा ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए हर व्यक्ति के लिए एक जैसी मात्रा सही नहीं होती और उम्र के साथ-साथ वजन, सेहत और शारीरिक गतिविधि के हिसाब से इसकी जरूरत बदलती रहती है.
डॉक्टर का कहना है कि दिनभर की प्रोटीन एक ही बार खाने के बजाय उसे तीन या चार हिस्सों में बांटकर लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. नाश्ते, दोपहर और रात के खाने के साथ थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन शामिल करने से शरीर उसका बेहतर इस्तेमाल कर पाता है.
अगर आपको किडनी की बीमारी है, लिवर की परेशानी है, आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या किसी गंभीर बीमारी से उबर रहे हैं, तो अपनी प्रोटीन की जरूरत खुद तय न करें. ऐसे मामलों में डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही डाइट बनानी चाहिए.
प्रोटीन की सही मात्रा किसी एक फॉर्मूले से तय नहीं होती. उम्र, वजन, रोजमर्रा की गतिविधि और सेहत के हिसाब से इसकी जरूरत बदलती रहती है. इसलिए दूसरों की डाइट देखकर अपनी थाली तय करने की बजाय अपनी जरूरत समझें और संतुलित मात्रा में प्रोटीन लें. सही मात्रा में लिया गया प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है.
एशियन हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. अमित मिगलानी. उनके पास गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और थेरेप्यूटिक एंडोस्कोपी का 18 सालों से ज्यादा का अनुभव है.
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