आज ज्यादातर लोग दांत साफ करने के लिए टूथपेस्ट और ब्रश का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब नीम की दातुन ही ओरल केयर का सबसे भरोसेमंद तरीका मानी जाती थी. गांवों में आज भी कई लोग सुबह नीम की ताजी दातुन करना पसंद करते हैं. आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में नीम को दांतों और मसूड़ों के लिए फायदेमंद माना गया है. यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि नीम की दातुन मुंह की सफाई के साथ-साथ मसूड़ों को भी मजबूत बनाने में मदद कर सकती है. हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है. जानते हैं नीम की दातुन के फायदे और इससे जुड़े कुछ संभावित नुकसान.
नीम की दातुन के हैरान कर देने वाले फायदे-
- मजबूत दांत- नीम में ऐसे गुण होते हैं जो दांतों पर जमी पीली परत और गंदगी को आसानी से हटा देते हैं. इससे दांत नेचुरली सफेद और मजबूत बन सकते हैं.
- मुंह की बदबू- अगर आपके मुंह से बदबू आती है, तो नीम की दातुन आपके लिए बेस्ट है. नीम में बैक्टीरिया को मारने की ताकत होती है, जो मुंह की बदबू पैदा करने वाले कीटाणुओं को दूर कर सकते हैं.
- मसूड़े- जब आप नीम की दातुन चबाते हैं, तो मसूड़ों की बेहतरीन मसाज होती है. इससे मसूड़ों में खून का बहाव तेज होता है और वे मजबूत बनते हैं. पायरिया जैसी खतरनाक बीमारी से भी बचाव हो सकता है.
- कीड़े और इंफेक्शन- दांतों में कीड़ा लगना आज आम बात है. नीम के एंटी-बैक्टीरियल गुण दांतों में कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते.
- पाचन तंत्र- जब आप नीम की हल्की कड़वी दातुन को चबाते हैं, तो मुंह में लार (saliva) ज्यादा बनती है. यह लार हमारे पेट में जाकर खाने को पचाने में मदद कर सकती है.

क्या नीम की दातुन करने के कोई नुकसान भी हैं?
- दांतों की घिसाई- अगर आप बहुत ज्यादा जोर लगाकर या कड़क दातुन से दांतों को रगड़ते हैं, तो दांतों की ऊपरी परत (इनामेल) घिस सकती है. इससे दांतों में ठंडा-गरम लगने की समस्या हो सकती है.
- मसूड़ों में छिलना- शुरुआत में अगर दातुन बहुत ज्यादा सख्त हो, तो इससे मसूड़े छिल सकते हैं या उनमें हल्का खून आ सकता है. इसलिए हमेशा मुलायम दातुन का ही चुनाव करें.
नीम की दातुन इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है-
डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि नीम की दातुन का पूरा फायदा तभी मिलता, जब इसे सही तरीके से किया जाए. नीम की लगभग उंगली जितनी मोटाई वाली और ताजी टहनी लें. उसे आगे से अच्छे से चबा लें ताकि वह ब्रश के रेशों जैसी नरम हो जाए. अब इसे धीरे-धीरे दांतों और मसूड़ों पर फेरें. इसके बाद मुंह को ताजे पानी से अच्छी तरह धो लें.
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एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.
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