मशहूर टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन (Jasmin Bhasin) ने हाल ही में अपने साथ हुए एक खौफनाक हादसे का खुलासा किया है. 'खतरों के खिलाड़ी 15' के एक स्टंट के दौरान उनके सिर पर ऐसी चोट लगी कि वे कुछ समय के लिए सब कुछ भूल (Memory Loss) गईं. जैस्मिन ने बताया कि पानी और हवा वाले एक खतरनाक स्टंट के बाद क्या हुआ, उन्हें तुरंत का कुछ भी याद नहीं आ रहा था. जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हल्का कन्कशन (Mild Concussion) यानी दिमाग की हल्की अंदरूनी चोट आई थी.
अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर कोई बेहोश नहीं हुआ और बाहर से बिल्कुल ठीक दिख रहा है, तो सब नॉर्मल है. लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि चोट के बाद याददाश्त का गायब होना कोई मामूली बात नहीं है.
याददाश्त का खोना क्यों है बड़ा संकेत
अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजी और स्ट्रोक मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. संजय पांडेय के मुताबिक, जैस्मिन के मामले में स्टंट से ज्यादा जरूरी यह समझना है कि उनकी याददाश्त में गैप क्यों आया.
डॉ. पांडेय बताते हैं, "जब सिर पर झटका लगने के बाद दिमाग घटनाओं को दर्ज या याद नहीं रख पाता, भले ही इंसान होश में हो और शरीरिक रूप से ठीक दिख रहा हो, तो इसका मतलब है कि दिमाग के काम करने का तरीका कुछ देर के लिए गड़बड़ा गया है."
कन्कशन होने पर दिमाग के अंदर क्या होता है?
कन्कशन एक तरह की दिमागी चोट है जो सिर पर अचानक तेज झटका या चोट लगने से होती है, जिससे दिमाग खोपड़ी (Skull) के भीतर तेजी से हिल जाता है.
- डॉ. पांडेय के अनुसार, कन्कशन असल में दिमाग के अंदर 'एनर्जी क्राइसिस' जैसा होता है.
- सिर के अचानक हिलने से न्यूरॉन्स की झिल्ली पर खिंचाव आता है, जिससे दिमाग में ग्लूकोज की मांग और खून का बहाव प्रभावित होता है.
- यही वजह है कि कई बार रूटीन सीटी स्कैन (CT Scan) नॉर्मल आने के बावजूद मरीज को चक्कर, भूलने की आदत या भारीपन महसूस होता रहता है.

क्या बिना बेहोश हुए भी कन्कशन गंभीर हो सकता है?
हमारे समाज में यह सबसे बड़ा वहम है कि जब तक कोई बेहोश न हो, तब तक चोट गंभीर नहीं होती. लेकिन सच यह है कि बिना बेहोश हुए भी सिर की अंदरूनी चोट हो सकती है. इसके लक्षण कुछ इस तरह नजर आते हैं:
- सिर में लगातार भारी दर्द
- चक्कर आना और जी मिचलाना
- धुंधला दिखना या रोशनी-आवाज से परेशानी
- ध्यान लगाने में दिक्कत और उलझन महसूस होना
- बहुत ज्यादा थकान और याददाश्त से जुड़ी समस्या
कई बार ये लक्षण चोट लगने के कुछ घंटों बाद ज्यादा साफ दिखाई देते हैं.
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किन लक्षणों को देखकर तुरंत अस्पताल भागना चाहिए?
अगर सिर पर चोट लगने के बाद मरीज में नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो बिना एक पल गंवाए न्यूरोलॉजिस्ट या इमरजेंसी में जाना चाहिए:
1. सिरदर्द का लगातार और तेज होते जाना.
2. बार-बार उल्टियां (Vomiting) होना.
3. बोलने में लड़खड़ाहट या आवाज का अस्पष्ट होना.
4. शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन आ जाना.
5. आंखों की पुतलियों का आकार अलग-अलग दिखना.
6. दौरे (Seizures) पड़ना या मरीज का बहुत ज्यादा सुस्त होना.
ये लक्षण खोपड़ी के अंदर अंदरुनी ब्लीडिंग (Internal Bleeding) का संकेत हो सकते हैं.
चोट के बाद काम या खेल में जल्दबाजी न करें?
थोड़ा ठीक महसूस होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि दिमाग पूरी तरह रिकवर हो चुका है. कन्कशन के तुरंत बाद भारी एक्सरसाइज, स्टंट या खेलकूद में वापस लौटने से दिमाग पर 'सेकंड इम्पैक्ट' का खतरा बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है. हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही धीरे-धीरे अपनी फिजिकल एक्टिविटी शुरू करनी चाहिए.
एक्सपर्ट की सलाह
जैस्मिन भसीन का यह मामला हमें सिखाता है कि सिर की चोट को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. जैसा कि डॉ. पांडेय कहते हैं, सिर पर चोट के बाद सवाल यह नहीं होना चाहिए कि "क्या इंसान बेहोश हुआ?", बल्कि सवाल यह होना चाहिए कि "क्या चोट के बाद दिमाग का बर्ताव पहले जैसा सामान्य था या बदल गया?" अगर जवाब में थोड़ा भी बदलाव दिखे, तो तुरंत न्यूरोलॉजिकल जांच करवाएं.
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