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सेहत का देसी मंत्र: जानें जमीन पर बैठकर भोजन करने से क्यों बढ़ती है ताकत और उम्र

Jamin Par Baith Kar Khane Ke Fayde: पुराणों से लेकर आयुर्वेद तक, सभी में इस आदत को सेहत और लंबी उम्र से जोड़ा गया है. जमीन पर बैठकर खाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों के लिए एक प्राकृतिक उपचार है.

सेहत का देसी मंत्र: जानें जमीन पर बैठकर भोजन करने से क्यों बढ़ती है ताकत और उम्र
Jamin par baith kar khane ke fayde

Jamin Par Baithkar Khane Ke Fayde: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर कुर्सी, सोफा या खड़े होकर खाना खा लेते हैं. लेकिन हमारी भारतीय परंपरा में जमीन पर बैठकर भोजन करने को सबसे उत्तम माना गया है. पुराणों से लेकर आयुर्वेद तक, सभी में इस आदत को सेहत और लंबी उम्र से जोड़ा गया है. जमीन पर बैठकर खाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों के लिए एक प्राकृतिक उपचार है.

जमीन पर बैठकर खाना क्यों खाना चाहिए?

मार्कंडेय पुराण, महाभारत, ब्रह्म और कूर्म पुराण में बताया गया है कि आसन बिछाकर जमीन पर बैठकर भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु भी बढ़ती है. हमारे पूर्वजों ने अनुभव के आधार पर ऐसी जीवन शैली अपनाई, जो आज भी वैज्ञानिक रूप से सही मानी जा रही है.

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आयुर्वेद का नजरिया | Ayurvedic Perspective

आयुर्वेद के अनुसार इंसान की नाभि के पास जठराग्नि होती है, जो पाचन की मुख्य शक्ति है. जमीन पर सुखासन या पालथी मारकर बैठने से जठराग्नि सक्रिय होती है. इससे भोजन धीरे-धीरे पचता है और शरीर को उसका पूरा पोषण मिलता है.

कुर्सी पर बैठकर खाना खाने से क्या होता है? | Is It Bad To Eat While Sitting Down?

खड़े होकर या कुर्सी पर बैठकर खाना खाने से गुरुत्वाकर्षण के चलते भोजन तेजी से पेट में चला जाता है. इससे पाचन रस और एंजाइम ठीक से काम नहीं कर पाते. नतीजा होता है, अपच, गैस और भारीपन.

सुखासन से क्या फायदे हैं? | What Are The Benefits Of Eating Food In Sukhasana?

जमीन पर पालथी मारकर बैठने से गुरुत्वाकर्षण का असर संतुलित होता है. खाना पेट के सभी हिस्सों से होकर धीरे-धीरे गुजरता है, जिससे ऊर्जा और ताकत मिलती है. इसी वजह से इस मुद्रा को सेहत के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

मन और शरीर दोनों को लाभ | Is It Good To Eat While Sitting?

इस तरह बैठकर भोजन करने से मानसिक तनाव कम होता है और मन शांत रहता है. पाचन बेहतर होने से मोटापा, कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं दूर रहती हैं.

घुटनों, हड्डियों और मुद्रा में सुधार | How Can I Improve My Joints And Bones?

जमीन पर बैठने से घुटनों का हल्का व्यायाम होता है और वात दोष कम होता है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, हार्ट पर दबाव कम पड़ता है और शरीर की मुद्रा यानी पोस्चर सुधरता है. इससे मांसपेशियां भी मजबूत बनती हैं.

जमीन पर बैठकर भोजन करना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन का सरल तरीका है. अगर रोजमर्रा की जिंदगी में इसे अपनाया जाए, तो शरीर और मन दोनों लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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