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कैंसर के मामलों में भारत तीसरे नंबर पर, खानपान और आदतें बदली तो 60% तक टल सकता है खतरा

Cancer Cases In India: कैंसर के मामलों में भारत विश्व के तीसरे नंबर है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत में लगभग 40-60% कैंसर लाइफस्टाइल में बदलाव, जागरूकता और वैक्सीन के से रोके जा सकते हैं.

कैंसर के मामलों में भारत तीसरे नंबर पर, खानपान और आदतें बदली तो 60% तक  टल सकता है खतरा
Cancer Cases: कैंसर के मामले में भारत तीसरे नंबर पर.

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम लेते ही रूह कांप जाती है. खासकर भारत में कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जहां हर साल लगभग 15 लाख नए मामले सामने आते हैं और आने वाले सालों में यह संख्या और बढ़ने की आशंका है. रिसर्च के अनुसार कैंसर के मामलों में भारत अब चीन और अमेरिका के बाद विश्व में तीसरे नंबर पर है. इस समस्या का एक बड़ा कारण वे कारक हैं जिन पर हम काबू पा सकते हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत में लगभग 40-60% कैंसर लाइफस्टाइल में बदलाव, जागरूकता और वैक्सीन के से रोके जा सकते हैं. 

आपको बता दें कि भारत में तंबाकू और सुपारी का सेवन कैंसर के प्रमुख कारण हैं, और 2020 में भारत में लगभग 22 लाख कैंसर से होने वाली मौतें तंबाकू, शराब, मोटापा और एचपीवी संक्रमण जैसे रोकी जा सकने वाले समस्या से जुड़ी थीं.

“कैंसर को अक्सर अचानक होने वाली बीमारी के रूप में देखा जाता है, लेकिन वास्तव में, कई कैंसर वर्षों तक चुपचाप विकसित होते रहते हैं. चिंता की बात यह है कि कुछ रोजमर्रा की लाइफस्टाइल की आदतें, जो उस समय हानिकारक नहीं लगतीं, बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के धीरे-धीरे कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं. जागरूकता रोकथाम पहला कदम है.

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कैंसर होने के प्रमुख कारण- (The main causes of cancer are)

लंबे समय तक बैठे रहना, खासकर कम शारीरिक गतिविधि के साथ, मोटापा, इंसुलिन पुरानी सूजन ये सब कहीं न कहीं कैंसर के कारण बन सकते हैं. जिनमें  स्तन, कोलोन, गर्भाशय और अग्नाशय के कैंसर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है. इसी तरह, अनियमित नींद और लगातार तनाव हार्मोनल संतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली को बिगाड़ते हैं, जिससे शरीर की असामान्य कोशिकाओं को जल्दी पहचानने और नष्ट करने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है.

शराब का सेवन एक और कम आंका जाने वाला खतरा है. कई लोगों को लगता है कि सामाजिक तौर पर या कभी-कभार मौज-मस्ती के लिए शराब पीना हानिकारक नहीं है, लेकिन अध्ययनों से लगातार यह पता चलता है कि शराब का कोई भी सुरक्षित स्तर कैंसर से बचाव नहीं कर सकता. शोध से पता चला है कि कम मात्रा में शराब का सेवन भी कुछ कैंसरों, जैसे स्तन, यकृत, मुख, गले और ग्रासनली के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है.  

आपकी खान-पान की आदतें भी काफी हद तक प्रभावित करती हैं. पैकेटबंद स्नैक्स, अत्यधिक प्रोसेस्ड मीट, हीट-प्रोसेस्ड, वैक्यूम-पैक्ड रेडी-टू-ईट फूड जैसे फूड जिनमें प्रिजर्वेटिव और एडिटिव्स की मात्रा बहुत अधिक होती है, ये भी कहीं न कहीं हमारे शरीर को हानि पहुंचाते हैं और कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं.

कैंसर से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके- (Follow these methods to prevent cancer)

साबुत अनाज, सब्जियां, फल, दालें और हेल्दी फैट, प्राकृतिक घरेलू भोजन पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर प्रदान करता है जो सूजन को कम करने और स्वस्थ कोशिकीय वातावरण बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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