- अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई.
- खामेनेई के दामाद और बेटी की मौत हमले के वक्त हो चुकी थी, लेकिन उनकी मौत बाद में हुई थी.
- ईरान के प्रतिनिधि ने बताया कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा है.
अमेरिका-इजरायल के घातक हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान स्थिति अयातुल्ला के कैंपस पर अमेरिका और इजरायल ने भीषण बमबारी की, इससे इस भवन को भारी नुकसान पहुंचा. शनिवार को ही इजरायल ने सुप्रीम लीडर के मारे की जाने की बात कही. लेकिन इस बात की पुष्टि रविवार को तब हुई जब ईरान ने खामेनेई के निधन की जानकारी दी. खामेनेई के निधन के बाद गल्फ के देशों में जंग और तेज हो गई है. इस बीच सोमवार को NDTV ने भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधि अयातुल्ला डॉ अब्दुल मजीद हकीम ईलाही से वहां के हालातों पर बात की.
NDTV- आपके सुप्रीम नेता की हत्या पर हमारी गहरी संवेदनाएं हैं.. आपका पहला रिएक्शन क्या है?
भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधिः मैं अपनी तरफ से कॉनडेलेंस ऑफर करता हूं. अयातुल्ला खामेनेई की शहादत हम सब के लिए गम की बात है.. लेकिन मैं ये उम्मीद करता हूं कि हर जालिम के खिलाफ आवाज उठाने वाला उनके रास्ते को याद करेगा और उसपर चलेगा. अयातुल्ला खामेनेई हमेशा मज़लूम के साथ खड़े रहे हैं. और वो चाहते थे कि मुस्लिम और नॉन मुस्लिम में हमेशा यूनिटी बने रहे.
NDTV- ईरान में भारतीय छात्र भी वॉर में फंसे हैं, उन सब की सेफ्टी के लिए क्या ईरानी सरकार कदम उठा रही है?
भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधिः ये सब हालात अमेरिका और जॉएनिस्ट रिजीम (इजरायल) की वजह से हुए हैं. हर कोई इनकी वजह से परेशान हो रहा है. लेकिन हमारे लिए प्राथमिकता ये सभी भारतीय छात्र हैं. हमेशा की तरह हम लोग उन छात्रों को सेफ प्लेस में रख रहे हैं. और उनका ख्याल रख रहे हैं. जब वो लोग यहां आना चाहेंगे तो हम लोग उनके आने के लिए भी पूरी तैयारी का हर ख्याल रखेंगे.
NDTV- अयातुल्ला खामेनेई के बाद पूर्व राष्ट्रपति अहमदी निजाद को भी एसेसिनेट कर दिया गया है.. कितनी बड़ी हानी है आपके लिए?
भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधि: ये लोग हर ईरानी को मारना चाहते हैं. सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति अहमदी निजाद की ही बात नहीं. ये नहीं चाहते हैं कि कोई ईरानी ज़िंदा बचे. ये ईरान की हर सिटी को बर्बाद और डिमोलिश करना चाहते हैं.. लेकिन हम बहुत मज़बूत है.. एक साथ खड़े हैं.
NDTV- अयातुल्ला खामेनेई का निधन किस समय हुआ?
भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधि: अयातुल्ला खामेनेई के दामाद और बेटी की मौत उसी वक्त हो गई थी. लेकिन अयातुल्ला खामेनेई की शहादत उसी वक्त नहीं हुई थी. उन्हें अस्पताल में ले जाया गया. और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई.
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत
भारत में रह रहे ईरान के प्रतिनिधि की इस बातचीत से यह साफ हो गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत उनके ठिकानों पर हुई बमबारी के बाद वहीं मलबों में दबने से नहीं हुई थी. इस हमले के बाद भी सुप्रीम लीडर जीवित थे. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हुई. मालूम हो कि कई रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका की बमबारी में सुप्रीम लीडर की मौके पर ही मौत हो गई थी. सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें भी चल रही थी. जिसमें मलबे में उनके शव को दिखाया जा रहा है.
यह भी पढ़ें - अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के नेवी चीफ शाहराम ईरानी की मौत की खबर, गल्फ के 8 देश जंग की जद में
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं