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 Chandra Grahan 2026: साल के पहले चंद्र ग्रहण से जुड़ी 10 बड़ी बातें जो आपको जरूर जाननी चाहिए

Top 10 Lunar Eclipse Facts: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर कल 03 मार्च 2026, मंगलवार को लगने जा रहा है. ऐसे में चंद्र ग्रहण के सूतक से लेकर इसकी शुरुआत और समाप्त होने का समय, नियम और देश-दुनिया समेत 12 राशियों पर प्रभाव आदि को जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

 Chandra Grahan 2026: साल के पहले चंद्र ग्रहण से जुड़ी 10 बड़ी बातें जो आपको जरूर जाननी चाहिए
Chandra Grahan 2026 Facts: चंद्र ग्रहण से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें
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Chandra Grahan Top 10 Facts: ग्रहण एक खगोलीय घटना है और यह हर साल न्यूनतम चार और अधिकतम सात बार लगता है. इस साल सूर्य ग्रहण के महज 15 दिनों के भीतर फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. जिसमें सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होंगे. ज्योतिष के अनुसार पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा पर पड़ेगी तो चंद्र ग्रहण की घटना घटेगी. आइए जानते हैं कि कल 03 मार्च 2026, मंगलवार को चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू और कितने बजे खत्म होगा? कहां-कहां नजर आएगा और कब लगेगा चंद्र ग्रहण का सूतक काल? आइए चंद्र ग्रहण से जुड़े नियम और प्रभाव समेत सभी 10 महत्वपूर्ण बातों को जाने-माने ज्योतिषविद् पं. कृष्ण गोपाल मिश्र से विस्तार से जानते हैं.  

1. कब शुरू और कब खत्म होगा चंद्र ग्रहण?

पंचांग के अनुसार चंद्रग्रहण की शुरुआत 03 मार्च 2026 को दोपहर 3:21 मिनट पर होगी और यह शाम 6:46 पर समाप्त हो जाएगा. इस तरह यह चंद्रग्रहण तकरीबन साढ़े तीन घंटे तक रहेगा, जिसका सूतक काल सुबह 6:20 मिनट से लग जाएगा और इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य आदि नहीं किए जा सकेंगे.  

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2. कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, ऑस्ट्रेलिया एवं अफ्रीका में दिखाई देगा. यह ग्रहण अधिकांश उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा प्रशांत महासागर में नहीं दिखाई देगा. जिन स्थानों पर चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा वहां पर सूतक मान्य नहीं होगा. 

3. सूतक के नियम क्या होते हैं?

गरुड़ पुराण, स्कन्द पुराण तथा धर्मसिन्धु में ग्रहण से जुड़े नियम बताए गये हैं. जिसे के अनुसार  इसमें भोजन करना, भोजन पकाना, सोना, शुभ कार्य करना, देव प्रतिमा का स्पर्श करना, तेल-मालिश करना, बाल-नाखून काटना, शारीरिक संबंध बनाने जैसे कार्य वर्जित हैं. 

4. ग्रहण के समय क्या करना चाहिए?

हिंदू धर्म से जुड़े शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान मंत्र का जप अत्यंत ही शुभ माना गया है. ऐसे में इस दौरान व्यक्ति को गायत्री, महामृत्युंजय मंत्र, भगवान विष्णु या भगवान शिव के मंत्र अथवा अपने आराध्य देवी-देवता का ध्यान करते हुए उनका स्मरण और उनके मंत्र का जप करना चाहिए. मान्यता है कि ग्रहण में जप और दान करने से उसका करोड़ गुना फल मिलता है. 

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5. चंद्र ग्रहण के समय भोजन को लेकर क्या नियम है?

हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान न तो भोजन बनाना चाहिए और न ही खाना चाहिए. चंद्र ग्रहण से पहले यदि कुछ भोजन बना हो तो उसमें तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. ग्रहण के दौरान बच्चे, वृद्ध, रोगी आदि को भोजन करने की छूट होती है. 

6. चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें?

चंद्र ग्रहण के खत्म होने के बाद व्यक्ति को स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए और पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए. इसके बाद देवी-देवताओं को स्नान आदि कराने के ​बाद उनका विधि-विधान से पूजा करना चाहिए. साथ ही साथ यथा संभव अन्न और धन आदि का दान करना चाहिए. 

7.चंद्र ग्रहण का क्या देश-दुनिया पर क्या पड़ेगा असर? 

गोचर के आधार पर ज्योतिषी दृष्टि से यह ग्रहण प्रतिकूल प्रभाव राजनीति एवं शासन सत्ता में देखने को मिलेगा. कई जगह पर शासन व्यवस्था में परिवर्तन की आवाज उठेगी. साथ ही  कई तरह के आंदोलन के संकेत भी हैं. ग्रहण कल के ग्रहों की दृष्टि पर नजर डालें यह चंद्र ग्रहण के समय कर्क लग्न उदित हो रहा है. जिसमें अष्टम भाव में बुध सूर्य राहु और मंगल एक साथ बैठे हुए हैं द्वादश स्थान पर वक्री बृहस्पति विराजमान है. नवम् स्थान पर उच्च के शुक्र के साथ शनि विराजमान है.

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कर्क लग्न के अनुसार शनि और शुक्र का असंतुलित होकर के मजबूत होना. द्वादश के बृहस्पति का अष्टम भाव में राहु मंगल सूर्य बुध के साथ मूल त्रिकोण का संबंध बनाना. निश्चित तौर पर बाजार क्या संतुलन एवं आर्थिक संकट के संकेत देता है. साथ ही साथ एक बड़े समूह का न्याय के लिए आंदोलन का सूचक बन रहा है. क्योंकि अष्टम भाव में मंगल राहु और सूर्य बुध विद्रोह, खून खराबा एवं राजनीतिक अस्थिरता के संकेत देते हैं. और कहीं ना कहीं विश्व राजनीति में भी खराब संकेत दे रहा है. 

मुख्य रूप से 13 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 के बीच में, 1 जून 2020 से  4 अक्टूबर 2026 के बीच में बहुत राजनीतिक उठा-पटक, सियासी घटनाएं उन्मादी रूप से एक नया विध्वंसक रूप लेते हुए दिखाई देंगे. जो आगे के लिए अच्छा नहीं होगा. विश्व राजनीति में भी मिडिल ईस्ट ओर दक्षिणी एशियाई देशों में भी तनाव की स्थितियां उत्पन्न होती हुई दिखाई दे रही है. विश्व स्तर पर शेयर बाजार में काफी असंतुलन देखने को मिलेगा. उपरोक्त समय में कुछ आपका आतंकी घटनाएं भी घट सकती है. रेल हवाई जहाज दुर्घटनाओं की भी संकेत है. प्रकृति में कुछ उथल-पुथल अथवा भूकंप या प्राकृतिक संतुलन जैसे तूफान आदि देखने को मिल सकता है. उपरोक्त समय में मुख्य रूप से किसी बड़े तूफान की आशंका है. 

8. चंद्र ग्रहण किन राशियों के लिए अशुभ?

राशिफल के दृष्टिकोण से अगर देखा जाए तो मुख्य रूप से मेष राशि, कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि एवं मीन राशि के लोगों को थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है. कर्क राशि वालों को स्वास्थ्य विशेष ध्यान देना चाहिए तथा कुछ संबंधों में तनाव भी हो सकता है आर्थिक चिंताएं परेशान कर सकती हैं. भगवान विष्णु की आराधना करें. 

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सिंह राशि वालों को जीवनसाथी से तनाव अथवा जीवनसाथी को लेकर के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है. किसी प्रेम संबंध में भी तनाव के संकेत है. राजनीतकियों के लिए प्रयासरत क्षेत्रों में आरक्षणों का सामना करना पड़ेगा. हनुमान जी की आराधना करें. मंगल के बीज मंत्र का जाप करें. 

मेष राशि वालों के लिए आर्थिक कठिनाइयों को लेकर परेशान हो सकते हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमजोर होने से भी थोड़ा स्वास्थ्य की दिक्कत हो सकती है. संबंधों में थोड़ा मृदभाषा का प्रयोग करें. भगवान विष्णु की आराधना करें. बृहस्पति के बीज मंत्र का जापकरें. 

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वृश्चिक राशि वालों के लिए भी थोड़ा सा स्वास्थ्य पर सतर्क रहने की जरूरत है. दांपत्य जीवन में तनाव हो सकता है. किसी विपरीत लिंग की संबंधों में तनाव की आशंका है. कुछ भविष्य की चिंताएं परेशान करेंगे या किसी बड़ी जिम्मेदारी को लेकर के आप तनाव ग्रस्त हो सकते हैं. भगवान शंकर की आराधना करें. महामृत्युंजय की जाप करें. 

धनु राशि में थोड़ा सा अपने वाणी पर संयम रखें. निरर्थक दूसरों की आलोचना न करें. आर्थिक दृष्टिकोण से या कार्यक्षेत्र में थोड़ा कठिनाइयों का सामना जरूर करना पड़ेगा परंतु आपका वर्चस्व बना है. यदि आप  मृदुभाषी बन जाए तो इस समय मैं अच्छी सफलता अर्जित कर सकतेहैं. भगवान सूर्य की आराधना करें. नित्य सूर्य उपासना करें. 

9. चंद्र ग्रहण से किन राशियों की चमकेगी किस्मत?

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तुला राशि के व्यक्तियों के लिए अच्छा समय कहा जाएगा भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा कोई महत्वपूर्ण कार्य होगा. संबंधों का सुख भी प्राप्त होगा. आए नए स्रोत बनेंगे. भगवान गणेश की आराधना करें बाद ही लाभ कर होगा आपके लिए. 

कन्या राशि के लोगों के लिए बड़ा ही सुखद समय है भाग्य के नए रास्ते खुल रहे हैं. जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा. कुछ गुप्त रूप से ईर्ष्यालु लोगों से सतर्क रहें. डेढ़ वर्ष की अवस्था के बाद से आपके भाग्य उदय का समय कहा जाएगा. मां दुर्गा की आराधना करें बाद ही लाभदायक होगा.

वृषभ राशि के लोगों के लिए अच्छा समय दिखाई दे रहा है भाग्य का पूरा सहयोगहोगा. प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सबसे उत्तम समय दिखाई दे रहा है. आर्थिक क्षेत्र में प्रयास करने के लिए भी बहुत अच्छा समय है. नए व्यवसाय में कदम बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा समय है. शनि के बीज मंत्र का जाप करें निश्चित लाभ होगा. 

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मिथुन राशि वालों के लिए बड़ा ही सुखद समय संबंधों का सहयोग प्राप्त होगा किसी उच्च स्तरीय व्यक्तियों द्वारा लाभ के रास्ते बनेंगे. लेकिन कुछ शत्रु भी आपके साथ हमेशा बने रहते हैं. प्रारंभिक अभी से 2 महीने तक थोड़ा सा सतर्क रहने की चेष्टा करें. हर संबंध में सरल और मिलनसार बनने की चेष्टाकरें. हर छोटी बात को दिल पर ना लें. भगवान शंकर की आराधना करें निश्चित तौर पर लाभहोगा. महामृत्युंजय का जाप करें. 

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मकर राशि वालों के लिए बहुत ही अच्छा समय है व्यवसाय को बड़ा करने के लिए आपका प्रयास सराहनी है. आर्थिक दृष्टिकोण से प्रगति का पूरा मजबूत समय चल रहा है. आपका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है. अविवाहितों के विवाह तय होने की भी मजबूत योग चल रहेहैं. भगवान गणेश का आराधना करें आपके लिए बड़ा ही लाभदायक होगा.

10. चंद्र ग्रहण का उपाय 

चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन कर लेना चाहिए और इस दौरान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. चंद्र ग्रहण के समय अपने आराध्य देवता अथवा चंद्रमा समेत नवग्रह का मंत्र जपें अथवा किसी धार्मिक ग्रंथ का पाठ करें. मान्यता है ​कि ऐसा करने पर ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. 

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