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This Article is From Feb 10, 2026

कैंसर का ब्लड ग्रुप से क्या कनेक्शन है? 'ओ' अगर सबसे सुरक्षित, तो किस ग्रुप वालों को ज्यादा खतरा? जानिए

Cancer and Blood Group Connection: दुनिया भर में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि क्या अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कैंसर का खतरा भी अलग होता है.

कैंसर का ब्लड ग्रुप से क्या कनेक्शन है? 'ओ' अगर सबसे सुरक्षित, तो किस ग्रुप वालों को ज्यादा खतरा? जानिए
यह स्टडी राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की पत्रिका में पब्लिश हुई थी.

अक्सर हम ब्लड ग्रुप (Blood Group) को सिर्फ इमरजेंसी की चीज मानते हैं, किसी हादसे में ब्लड चाहिए हो, सर्जरी हो या ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़े. लेकिन, मेडिकल साइंस अब इससे कहीं आगे की बात कर रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप उसकी कुल सेहत, इम्यून सिस्टम और कुछ गंभीर बीमारियों के जोखिम के बारे में भी अहम संकेत दे सकता है. इन्हीं बीमारियों में से एक है कैंसर, खासकर पेट का कैंसर (गैस्ट्रिक कैंसर).

ब्लड ग्रुप और कैंसर का कनेक्शन

दुनिया भर में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि क्या अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कैंसर का खतरा भी अलग होता है. इसी कड़ी में 2019 में मेडिकल जर्नल बीएमसी कैंसर में प्रकाशित एक स्टडी ने चौंकाने वाले नतीजे सामने रखे. इस रिसर्च के अनुसार, कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में गैस्ट्रिक कैंसर होने की संभावना दूसरों के मुकाबले ज्यादा पाई गई.

गैस्ट्रिक कैंसर पेट की अंदरूनी परत में कोशिकाओं की असामान्य तरीके से बढ़ने से होता है, जो धीरे-धीरे हेल्दी टिशू को नुकसान पहुंचाता है. यह बीमारी शुरुआत में खामोश रहती है, इसलिए अक्सर देर से पकड़ में आती है.

कौन-से ब्लड ग्रुप ज्यादा जोखिम में?

स्टडी में पाया गया कि ब्लड ग्रुप A और AB वाले लोगों को पेट के कैंसर का खतरा तुलनात्मक रूप से ज्यादा होता है. आंकड़ों के मुताबिक ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में, ब्लड ग्रुप O की तुलना में 13 से 19 प्रतिशत ज्यादा जोखिम पाया गया. ब्लड ग्रुप AB में यह खतरा करीब 18 प्रतिशत तक हो सकता है. इन नतीजों को बाद में कई अन्य रिसर्च के मेटा-एनालिसिस से भी सपोर्ट मिला.

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पैंक्रियाटिक कैंसर और ब्लड टाइप

इससे पहले 2009 में दाना-फार्बर कैंसर संस्थान के रिसर्चर्स ने ब्लड टाइप और कैंसर रिस्क के बीच संबंध की पुष्टि की थी. यह स्टडी राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की पत्रिका में पब्लिश हुई थी. इस रिसर्च में दो बड़ी हेल्थ-ट्रैकिंग स्टडीज, नर्सेस हेल्थ स्टडी और हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलोअप स्टडी के डेटा का विश्लेषण किया गया.

नतीजों के अनुसार:

  • ब्लड ग्रुप A में पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम 32 प्रतिशत ज्यादा
  • ब्लड ग्रुप AB में यह जोखिम 51 प्रतिशत तक.
  • वहीं, ब्लड ग्रुप O में कुल कैंसर का खतरा लगभग 16% कम पाया गया

बैक्टीरिया की बड़ी भूमिका

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया से इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है, जिसे पेट के कैंसर का बड़ा कारण माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ मामलों में इस बैक्टीरिया की गैरमौजूदगी में भी ब्लड ग्रुप A वालों में खतरा बना रह सकता है. वहीं, ब्लड ग्रुप AB में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी रिस्क को और बढ़ा सकती है.

सिर्फ ब्लड ग्रुप को दोष देना सही नहीं

डॉक्टर साफ कहते हैं कि ब्लड ग्रुप को कैंसर का सीधा या एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता. सूजन पर कंट्रोल, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया, सेल-टू-सेल इंटरैक्शन और पेट में एसिड लेवल जैसे कई फैक्टर इसमें भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा खराब खानपान, धूम्रपान, शराब, मोटापा, संक्रमण और पर्यावरणीय कारण भी पेट के कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं.

बचाव का रास्ता क्या है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह साफ है, चाहे आपका ब्लड ग्रुप कोई भी हो, हेल्दी लाइफस्टाइल, बैलेंस डाइट, तंबाकू से दूरी और नियमित मेडिकल चेक-अप पेट के कैंसर ही नहीं, कई दूसरी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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