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कैसे पहचानें कि पुरुषों में इंफर्टिलिटी की प्रॉब्लम है? क्या है इसका ट्रीटमेंट, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

How Is Male Infertility Diagnosed : पुरुषों में इंफर्टिलिटी एक गंभीर समस्या है, जिसे सही समय पर पहचानकर इलाज किया जा सकता है. अगर एक कपल गर्भवती होने में परेशानी महसूस करता है, तो दोनों को मिलकर टेस्ट कराने चाहिए.

कैसे पहचानें कि पुरुषों में इंफर्टिलिटी की प्रॉब्लम है? क्या है इसका ट्रीटमेंट, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
कैसे पहचानें कि पुरुषों में इंफर्टिलिटी की प्रॉब्लम है?

How Is Male Infertility Diagnosed : आजकल के दौर में, जहां टेक्नोलॉजी और मेडिकल क्षेत्र में कई नई रिसर्च हो रही हैं, वहीं कुछ समस्याएं जो पहले लोगों के बीच छुपी रहती थीं, अब उन्हें ज्यादा समझा और पहचाना जा रहा है. एक ऐसी समस्या है, जो पुरुषों के बीच बढ़ती जा रही है और वह है पुरुषों में इंफर्टिलिटी (Male Infirtility). यह एक ऐसा विषय है, जिस पर खुलकर चर्चा करना जरूरी है ताकि लोग समय रहते इसे पहचान सकें और सही इलाज प्राप्त कर सकें. इस आर्टिकल में डॉक्टर राजीव सेठिया से हम यह समझेंगे कि पुरुषों में इंफर्टिलिटी की समस्या को कैसे पहचाना जा सकता है, इसके लक्षण क्या होते हैं और इसके इलाज के क्या ऑप्शन्स हैं.

इंफर्टिलिटी क्या है? | What is Male Infertility | Purush Banjhpan Kya Hai

इंफर्टिलिटी का मतलब है, एक ऐसी स्थिति जहां एक कपल को बच्चे को जन्म देने में कठिनाई होती है. जब एक कपल एक साल या उससे अधिक समय तक बिना किसी गर्भनिरोधक उपाय के संबंध बनाता है, लेकिन गर्भवती नहीं हो पाती है, तो इसे इंफर्टिलिटी के रूप में पहचाना जाता है. इस स्थिति का कारण पुरुष या महिला में से कोई भी हो सकता है, या दोनों में मिलकर यह समस्या उत्पन्न हो सकती है. आंकड़े बताते हैं कि पुरुष और महिला दोनों के कारण इंफर्टिलिटी के लगभग बराबर केस होते हैं.

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पुरुषों में इंफर्टिलिटी के कारण | Purush Banjhpan Ke Karan

स्पर्म काउंट कम होना: पुरुषों में अगर स्पर्म की संख्या बहुत कम होती है, तो गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है. यह समस्या तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म का प्रोडक्शन पर्याप्त नहीं होता.
स्पर्म की क्वालिटी में कमी: अगर स्पर्म की गति (motility) या आकार (morphology) सही नहीं होता, तो भी गर्भवती होने में दिक्कत आ सकती है.
विकोसील: यह एक सामान्य समस्या है जिसमें टेस्टिकल्स में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता. इससे टेस्टिकल्स का टेम्प्रेचर बढ़ता है, जो स्पर्म के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है.
हार्मोनल इंबैलेंस: अगर पुरुष के शरीर में हार्मोन का लेवल इंबैलेंस होता है, तो इसका असर स्पर्म के प्रोडक्शन पर पड़ सकता है.
ब्लॉकेज या संरचनात्मक समस्याएं: कभी-कभी, वास डिफरेंस या अन्य सैक्सुअल पार्ट में रुकावटें हो सकती हैं, जो स्पर्म के शरीर से बाहर निकलने में रुकावट डालती हैं.

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पुरुषों में इंफर्टिलिटी की पहचान कैसे करें? | Male Infertility Diagnosis 

पुरुषों में इंफर्टिलिटी की पहचान करने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि एक साल तक नियमित संबंध बनाने के बावजूद गर्भवती न हो रही महिला को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. जब महिला की जांच सही पाई जाए, तो डॉक्टर पुरुष की जांच करने की सलाह देते हैं. इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण टेस्ट होते हैं:

सीमन विश्लेषण (Semen Analysis): यह टेस्ट पुरुष के वीर्य की गुणवत्ता, स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और आकार की जांच करता है. इसे दो बार, एक महीने के अंतराल पर करवाना चाहिए ताकि सही रिजल्ट मिल सकें.
  
हार्मोनल टेस्ट: पुरुष के शरीर में टेस्टोस्टेरोन और अन्य प्रजनन हार्मोन के लेवल का टेस्ट किया जाता है. इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलती है कि क्या हार्मोनल इंबैलेंस है.

शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर शारीरिक रूप से पुरुष का परीक्षण करते हैं, जैसे जननांगों की स्थिति और आकार का निरीक्षण करना, ताकि कोई संरचनात्मक समस्या हो तो उसका पता चल सके.

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पुरुष इंफर्टिलिटी का इलाज | Male infertility treatment

मेडिकल उपचार: कुछ मामलों में, हार्मोनल इंबैलेंस या अन्य कारणों को ठीक करने के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं. इसके अलावा, अगर कोई संक्रमण या बीमारी है, तो उसका इलाज भी किया जा सकता है.

सर्जिकल उपचार: कुछ स्थितियों में, जैसे विकोसील या संरचनात्मक ब्लॉकेज, सर्जरी की जरूरत हो सकती है. सर्जरी से ब्लड फ्लो सही किया जाता है और इससे स्पर्म काउंट में सुधार हो सकता है.

आईवीएफ और आईसीएसआई: अगर नॉर्मल ट्रीटमेंट से गर्भधारण नहीं हो पा रहा है, तो डॉक्टर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और इंटरसाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) जैसी प्रक्रियाओं का सुझाव दे सकते हैं, जिनमें स्पर्म और अंडाणु को लैब में मिलाया जाता है.

पुरुषों में इंफर्टिलिटी के साथ मानसिक स्थिति

इंफर्टिलिटी सिर्फ फिजिकल प्रॉब्लम नहीं होती, बल्कि मेंटल और इमोशनल लेवल पर भी प्रभाव डाल सकती है. पुरुषों में जब यह समस्या होती है, तो अक्सर वे मेंटल स्ट्रेस, डिप्रेशन और सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी महसूस कर सकते हैं. यह स्थिति रिश्तों पर भी असर डाल सकती है. इसलिए, किसी भी इंफर्टिलिटी के इलाज में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है.

समाज में पुरुष इंफर्टिलिटी के बारे में अवेयरनेस की जरूरत

आज भी समाज में पुरुषों की इंफर्टिलिटी को लेकर कई मिथक और भ्रांतियां फैली हुई हैं. यह अक्सर माना जाता है कि इंफर्टिलिटी का कारण सिर्फ महिलाओं में होता है, लेकिन यह बिल्कुल गलत है. पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी हो सकती है, और इसे सही समय पर पहचानने और इलाज करने की जरूरी है. इसलिए, इस विषय पर अवेयरनेस बढ़ाना और इस पर खुलकर चर्चा करना बहुत जरूरी है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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