ऐसे फूड्स जिनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, फ्री रेडिकल्स के असर को कम करने और शरीर की सुरक्षा करने में मदद करते हैं. एक्सपर्ट् का कहना है कि किडनी की बीमारी वाले लोगों के लिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. हालांकि कुछ भी नया खाने से पहले डायटीशियन की सलाह लेना जरूरी है.
किडनी की सेहत को अच्छी रहने के लिए आपको विटामिन C और A के साथ-साथ विटामिन B6, फोलिक एसिड और फाइबर से भरपूर फूड्स अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. लेकिन कुछ न्यूट्रिएंट्स ऐसे भी हैं जो अधिक मात्रा में लिए जाएं तो आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटुजा ने इस बारे में एनडीटीवी को बताया.
यंग एडल्ट्स को क्यों खतरा?
न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटुजा ने कहा कि आज के समय में जिमिंग के पीछे बहुत भाग रहे हैं और बहुत अधिक हाई प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले रहे हैं. अगर किसी भी न्यूट्रिएंट को अधिक मात्रा में लिया जाए तो वो किसी न किसी तरीके से हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है.
आपकी हाइट और वेट के हिसाब से हर चीज को बैलेंस करके आपको खाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अगर आप किसी भी चीज का ओवर यानी जरूरत से ज्यादा खाते हैं तो उसका कहीं ना कहीं साइड इफेक्ट हमारे शरीर पर होता है.
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ज्यादा प्रोटीन से क्या होता है नुकसान?
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि अगर हम जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का इस्तेमाल कर रहे हैं उससे भी एक्यूट किडनी इंजरी हो सकती है. यानी किडनियों की क्षमता कम हो जाती है और उसकी वजह से मैंने बहुत यंग एडल्ट्स को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है.
उन्होंने कहा कि प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेते वक्त आपको हमेशा पोर्शन का ध्यान रखना चाहिए और इससे लिए किसी एक्सपर्ट से सलाह जरूरत लेनी चाहिए.
आजकल जिम जाने वाले लड़को और लड़कियों मे एक होड़ सी मची है कि बस जल्दी से बॉडी बन जाए. इसके चक्कर मे लोग डिब्बे भर-भर के प्रोटीन पाउडर और हाई प्रोटीन डाइट लेना शुरु कर देते है. पर क्या आपने कभी सोचा है कि जरूरत से ज्यादा प्रोटीन आपकी सेहत, खासकर आपकी
किडनी पर कितना भारी पड़ सकता है?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है, इसमे कोई शक नही है. लेकिन किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है. जब हम जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाते है, तो हमारी किडनीयो को उसे फिल्टर करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पडती है. लंबे समय तक ऐसा होने से किडनी डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है.
Acute Kidney Injury क्या है?
Acute Kidney Injury (AKI) का मतलब होता है किडनी का अचानक से काम करना बंद कर देना या उसकी क्षमता मे भारी गिरावट आना. ये कोई धीरे-धीरे होने वाली बीमारी नही है, बल्कि कुछ ही घंटो या दिनो मे हो सकती है.
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि जब शरीर मे बहुत ज्यादा मात्रा मे प्रोटीन या टॉक्सिन्स जमा हो जाते है, तो किडनी का फिल्ट्रेशन सिस्टम ओवरलोड हो जाता है. खून मे यूरिया और क्रिएटिनिन का लेवल अचानक बढ़ जाता है. अगर वक्त पर इसका इलाज न कराया जाए तो ये कंडीशन जानलेवा भी हो सकती है. इसके मुख्य लक्षणो मे शामिल है:
- पेशाब का बहुत कम आना या बिल्कुल न आना.
- पैरो, टखनो या चेहरे पर अचानक सूजन आ जाना.
- हर वक्त बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना.
- सांस लेने मे तकलीफ या सीने मे भारीपन लगना.
- जी मिचलाना और उल्टी जैसा महसूस होना.
यंग एडल्ट्स में क्यों बढ़ रहा है खतरा?
आजकल 18 से 30 साल के युवाओ मे किडनी से जुडी परेशानिया तेजी से देखी जा रही है. इसका सबसे बडा कारण बिना सोचे-समझे सप्लीमेंट्स लेना और गलत लाइफस्टाइल है.
ज्यादातर युवा बिना किसी डॉक्टर या सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के खुद ही ट्रेनर या सोशल मीडिया देखकर प्रोटीन इनटेक बढ़ा देते है. कई लोग तो दिन मे तीन-चार स्कूप प्रोटीन शेक पी जाते है और पानी नाममात्र का पीते है.
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि जब बॉडी को प्रोटीन पचाने के लिए पर्याप्त पानी नही मिलता, तो डिहाइड्रेशन होता है और किडनीयो पर सीधा दबाव पडता है. इसके अलावा मार्केट मे मिलने वाले कुछ सस्ते या मिलावटी प्रोटीन पाउडर मे स्टेरॉयड और हैवी मेटल्स होते है, जो सीधे किडनी को छलनी कर देते है.
प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप वर्कआउट करते है और प्रोटीन पाउडर लेना चाहते है, तो कुछ बाते गांठ बांध ले:
- डोज का ध्यान रखे: एक सामान्य इंसान को उसके वजन के हिसाब से प्रति किलो 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. हैवी वर्कआउट करने वाले 1.5 से 2 ग्राम तक ले सकते है, इससे ज्यादा नही.
- पानी खूब पिए: अगर आप हाई प्रोटीन डाइट पर है, तो दिनभर मे कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिए ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकलते रहे.
- ब्रांड की प्रामाणिकता जांचे: हमेशा ऑथेंटिक सेलर से ही सप्लीमेंट खरीदे. डिब्बे पर दिया गया QR कोड या सील जरूर चेक करे.
- रेगुलर टेस्ट कराए: साल मे एक-दो बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) जरूर कराए ताकि पता चलता रहे कि अंदर सब ठीक है या नही.
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं?
सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय नेचुरल डाइट से पोषण ले. अपनी थाली मे ऐसी चीजे शामिल करे जो किडनी को साफ और मजबूत रखे:
- हरी पत्तेदार सब्जिया और फल: खीरा, तरबूज, सेब और पपीता जैसी चीजे खाए जिनमे पानी की मात्रा अच्छी होती है.
- बेरीज: स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी या जामुन मे भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो किडनी सेल्स को डैमेज होने से बचाते है.
- लहसुन और प्याज: ये दोनों शरीर मे सूजन कम करते है और किडनी को इंफेक्शन से बचाते है.
- नींबू पानी और नारियल पानी: ये नेचुरल तरीके से बॉडी को डिटॉक्स करते है और पथरी की समस्या से भी बचाते है.
बॉडी बनाना अच्छी बात है, लेकिन सेहत की कीमत पर नही. किसी भी डाइट को फॉलो करने से पहले अपने शरीर की जरूरत को समझे और हमेशा बैलेंस बनाकर चले.
FAQs
1. क्या ज्यादा प्रोटीन खाने से किडनी खराब हो सकती है?
हां, एक्सपर्ट्स के अनुसार जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर पहले से किडनी संबंधी समस्या वाले लोगों में.
2. क्या प्रोटीन सप्लीमेंट्स Acute Kidney Injury का कारण बन सकते हैं?
अधिक मात्रा में और बिना एक्सपर्ट सलाह के लिए गए प्रोटीन सप्लीमेंट्स कुछ मामलों में Acute Kidney Injury के जोखिम को बढ़ा सकते हैं.
3. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कौन से पोषक तत्व जरूरी हैं?
विटामिन C, विटामिन A, विटामिन B6, फोलिक एसिड और फाइबर किडनी हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं.
4. क्या जिम जाने वालों को रोज प्रोटीन पाउडर लेना चाहिए?
यह व्यक्ति की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है. सही मात्रा के लिए डायटीशियन या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेनी चाहिए.
5. किडनी मरीजों के लिए एंटीऑक्सीडेंट वाले फूड्स क्यों फायदेमंद हैं?
एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स के नुकसान को कम करने में मदद करते हैं और शरीर की कोशिकाओं की सुरक्षा कर सकते हैं.
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