Healthy Lungs Diet: फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए आज से ही खाना शुरू करें ये 8 फूड्स, फेफड़ों की समस्याएं रहेंगी दूर!

Strong Lungs Foods: शरीर में फेफड़ों का महत्व क्या है ये सभी जानते हैं. फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं. हमेशा हेल्दी रहने के लिए फेफड़ों (Lungs) का बिना रुकावट के काम करना जरूरी है. फेफड़ों को मजबूत करने के लिए फूड्स (Food For Strong Lungs) या स्ट्रॉन्ग फेफड़ों के लिए डाइट (Strong Lungs Diet) काफी अहम होती है.

Healthy Lungs Diet: फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए आज से ही खाना शुरू करें ये 8 फूड्स, फेफड़ों की समस्याएं रहेंगी दूर!

Healthy Lungs Diet: फेफड़ों को रखना चाहते हैं हेल्दी और मजबूत तो डाइट में शामिल करें ये 8 चीजे

खास बातें

  • अपने फेफड़ों की देखभाल करना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है.
  • हेल्दी फेफड़ों के लिए एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर फूड्स का सेवन करें.
  • फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए इन 8 फूड्स का रोजाना करें सेवन.

How To Get Strong Lungs: शरीर में फेफड़ों का महत्व क्या है ये सभी जानते हैं. फेफड़ों (Lungs) का शरीर को हेल्दी रखने में एक बड़ा योगदान है. आधा से ज्यादा बॉडी फंक्शनिंग फेफड़ों पर से चलती है ऐसे में फेफड़ों को हेल्दी रखने के तरीके (Ways To Keep Lungs Healthy) अपना हेल्दी स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है. फेफड़े यानी कि लंग्स (Lungs) शरीर का एक बहुत अहम हिस्सा हैं. फेफड़ों के अस्वस्थ रहने पर कई बीमारियां हो सकती है जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, टीबी, फेफड़ों का कैंसर आदि. फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं. हमेशा हेल्दी रहने के लिए फेफड़ों (Lungs) का बिना रुकावट के काम करना जरूरी है.

फेफड़ों को मजबूत करने के लिए फूड्स (Food For Strong Lungs) या स्ट्रॉन्ग फेफड़ों के लिए डाइट (Strong Lungs Diet) काफी अहम होती है. फेफड़े शरीर की कई कार्यप्रणालियों को बेहतरीन तरीके से चलाते हैं. फेफड़ों के खराब होने पर आपके शरीर को शुद्ध ऑक्सीजन मिलने में काफी परेशानी हो सकती है. अपने फेफड़ों की देखभाल करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

कई लोग सवाल भी करते हैं कि फेफड़ों को मजबूत करने के लिए क्या खाएं? या फेफड़ों को मजबूत करने के उपाय (Ways To Strengthen The Lungs) क्या हैं? ऐसे में कुछ फूड्स हैं जो फेफड़ों को हमेशा हेल्दी बनाए रख सकते हैं. यहां कुछ फूड्स के बारे में बताया गया है जिनको डाइट में शामिल कर फेफड़ों को हेल्दी रखा जा सकता है.

फेफड़ों को मजबूत रखने के लिए खाएं ये 8 फूड्स | Eat These 8 Foods To Keep Lungs Strong

1. सेब: नियमित रूप से सेब खाने से फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है. इसके लिए एंटीऑक्सिडेंट, फ्लेवोनोइड और विटामिन सी जिम्मेदार हो सकते हैं.

2. हल्दी: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं जो फेफड़ों के कार्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.

3. हर्बल चाय: अदरक, हल्दी, नींबू, शहद या दालचीनी से बनी चाय, फेफड़े की कार्यक्षमता में सुधार के लिए फायदेमंद हो सकती है. साथ ही, ग्रीन टी में कैटेचिन होता है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो फेफड़ों के कार्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.

107aepngHealthy Lungs Diet: हर्बल चाय का सेवन कर फेफड़ों को हेल्दी रखा जा सकता है

4. लाल गोभी: एंथोसायनिन पौधे रंजक होते हैं जो लाल गोभी को उसका गहरा रंग देते हैं. अध्ययनों में पाया गया है कि एंथोसायनिन फेफड़ों के कार्य में गिरावट को कम कर सकता है.

5. जैतून का तेल: जैतून के तेल में एंटीऑक्सिडेंट, पॉलीफेनोल और विटामिन ई होते हैं, ये सभी अस्थमा के कारण श्वसन स्थितियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं.

6. दाल: दाल में मैग्नीशियम, लोहा, तांबा और पोटेशियम पोषक तत्व होते हैं जो फेफड़ों के कार्य को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं.

8. टमाटर: टमाटर में लाइकोपीन होता है, एक कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सिडेंट है जो फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए फायदेमंद हैं. अध्ययनों से यह भी पता चला है कि टमाटर अस्थमा के रोगियों में वायुमार्ग की सूजन को कम कर सकता है और सीओपीडी वाले लोगों में फेफड़ों के कार्य में सुधार कर सकता है.

sv1oa9egHealthy Lungs Diet: टमाटर का सेवन कर फेफड़ों के स्वाथ्य को बढ़ावा मिल सकता है


7. ब्लूबेरी: वे फेफड़ों के संक्रमण से बचाने सहित कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं. लाल गोभी की तरह, इनमें भी एंथोसायनिन होते हैं. वे शक्तिशाली पिगमेंट हैं जो फेफड़ों को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचा सकते हैं.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.